कुछ बातें तय नहीं कर सकती है रिश्ते की अहमियत जाने इस वारे में

रिश्तें की अपनी अहमियत होती है। रिश्ता हमेशा सौ प्रतिशत एक ही स्तर पर रहे, जरूरी नहीं। एक सफल रिश्तें का पैमाना ही समझौता है और जहां समझौता होता है वहां चीजे पूर्व-निर्धारित नहीं होती है। रिश्तें को सफल बनाने का तरीका यह है कि थोड़ा झुके, दूसरो की सूनों, परिस्थिति से समझौता करो, सुख-दुःख में साथ रो और दबाव न डालो।

रिश्ते में शक नहीं:

रिश्तें की नींव होती है भरोसा, इसलिए किसी भी रिश्तें में थोड़ा बहुत शक ठीक है, मगर हद से अधिक शक असुरक्षा की भावना पैदा करती है। इस तरह कोई भी रिश्ता आगे नहीं बढ़ सकता। क्योकि जहां भरोसा नहीं, वहां कोई रिश्ता नहीं। इसलिए एक-दूसरे पर भरोसा कायम रखे, सबकी अपनी जिंदगी है, उसमे उतार-चढ़ाव होना लाजमी है।

बदले की भावना:

यदि आपके पार्टनर ने आपका दिल दुखाया है तो इसके बदले में आप भी दिल दुखाएगें तो बात आगे बढ़ेगी और रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच सकता है। इसलिए रिश्तें को उलझने के बजाय सुलझाने की कोशिश करे।

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