द्रौपदी, कर्ण और भगवान कृष्ण के शरीर में यह थी समानताएं

द्रौपदी, कर्ण और भगवान कृष्ण के शरीर में यह थी समानताएं

भगवान कृष्ण को द्रौपदी सखा कहकर संबोधित करती थीं और कृष्ण भी उन्हें सखी मानते थे | शिशुपाल का वध करते समय भगवान कृष्ण की एक उंगली में चोट आ गयी थी | उससे निकलत रक्त को रोकने के लिए द्रौपदी ने अपनी साड़ी का किनारा फाड़कर कृष्ण की उंगली में बाँध दिया |

इस दौरान वासुदेव ने द्रौपदी को वचन दिया था कि तुमने मेरा ध्यान रखा और मैं समय आने पर इसका मूल्य अवश्य चुकाऊंगा | श्री कृष्ण ने अपने वचन को पूर्ण किया और चीरहरण के समय द्रौपदी की लाज बचाए रखी |

ऐसा माना जाता है कि द्रौपदी की तरह ही कर्ण और भगवान श्री कृष्ण का शरीर सौम्य था | सामान्य दिनों में इन तीनों का ही शरीर कोमल और स्त्रिण हुआ करता था, लेकिन युद्ध से पहले इनकी मांसपेशियां पुष्ट और शरीर बलिष्ट हो जाता था | आज भी भगवान श्री कृष्ण का चित्रण करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा जाता है | आगे भी ऐसी ही ज्ञानवर्धक जानकारी पाने के लिए कृपया हमें फॉलो करें

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