7 रन से चूक गया था ये भारतीय शेर, नही तो ऐसा करने वाला दुनिया का इकलौता बल्लेबाज होता

भारत के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग का जिक्र होते ही जहन में चौकों और छक्कों की बारिश का ख्याल आने लगता है।

क्रिकेट के प्रत्येक फॉर्मेट में अपने ही अंदाज में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने वाले वीरेंद्र सहवाग करोड़ो दिलों पर राज करते थे।

चाहे टी20 हो,वनडे हो या फिर टेस्ट हो सहवाग जब तक मैदान पर रहते थे तब तक दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते थे।

7 रन से चूक गया था ये भारतीय शेर, नही तो ऐसा करने वाला दुनिया का इकलौता बल्लेबाज होता

उनके बारे में यह भी कहा जाता है कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाजी को नए ढंग से परिभाषित किया था.

अगर उनके बारे में यह कहा जाता है तो गलत भी नहीं है. वह भारत की ओर पहली बार तिहरा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने.

उनसे पहले भारतीय क्रिकेट में यह कारनामा और कोई बल्लेबाज नहीं कर पाया. हालांकि उनके बाद भारत की ओर करुण नायर दूसरे भारतीय खिलाड़ी बने, जिन्होंने टेस्ट मैचों में तिहरा शतक बनाया.

सहवाग ने पहला तिहरा शतक (309 रन) मार्च 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में बनाया था.

इसके बाद उन्होंने दूसरा तिहरा शतक (319 रन) मार्च 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था.

इस तरह से वह दुनिया में दो तिहरे शतक लगाने वाले सर डॉन ब्रेडमैन की बराबरी पर पहुंच गए थे.

बता दें कि ब्रायन लारा (375 और 400), डॉन ब्रैडमैन (334 और 304) और क्रिस गेल (333 और 317) ही ऐसा कारनामा कर सके हैं।

सहवाग कभी नहीं भूल सकते वो 7 रन

हालांकि, 4 दिसंबर 2009 को श्रीलंका के खिलाफ सहवाग मात्र 7 रन से अपना तीसरा तिहरा शतक जड़ने से चूक गए थे।

यदि उस दिन सहवाग तिहरा शतक लगाने में कामयाब होते तो वह सवा सौ साल से ज्यादा के इतिहास में टेस्ट में 3 तिहरे शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज होते।

दरअसल, उस 2009 में श्रीलंका की टीम 3 टेस्ट, 5 वनडे और 2 टी20 मैच खेलने भारत आई थी।

पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था।

दूसरे टेस्ट मैच में वीरेंद्र सहवाग ने सिर्फ 122 गेंदों पर 131 रन जड़ डाले थे। यह मैच भारत ने पारी और 144 रनों से जीता था।

इसके बाद तीसरा टेस्ट मैच मुंबई में खेला गया। इस मैच में मुरली विजय सहवाग के साथ ओपनिंग करने उतरे।

विजय तो 87 रन बनाकर चलते बने, लेकिन सहवाग का तूफान जारी था।

ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए सहवाग ने 40 चौकों और 7 गगनचुंबी छक्कों की मदद से सिर्फ 253 गेंद पर 293 रन बनाकर खेल रहे थे लेकिन तभी श्रीलंका के महान स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने उन्हें आउट कर दिया और सहवाग इतिहास रचने से चूक गए.

खैर, इस मैच में सहवाग की तूफानी पारी की बदौलत भारत ने पहली पारी में 726/9 रन बनाकर इनिंग घोषित कर दी थी।

श्रीलंका के गेंदबाजों की बात करें तो रंगना हेराथ ने 240, मुरलीधरन ने 195, कुलासेकरा ने 105 रन और वलेगेदरा ने 131 रन लुटाए।

पहाड़ जैसे स्कोर का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम 393 रनों के स्कोर पर ऑल आउट हो गई।

इसके बाद भारत ने श्रीलंका को फॉलोऑन खेलने दिया, लेकिन कुमार संगाकारा (137) के अलावा कोई और बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं पाया और पूरी टीम 309 रन बनाकर ढेर हो गई और भारत पारी और 24 रनों से मैच और सीरीज जीत गया।

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