अध्यक्ष बनने के पहले हफ्ते में ही सौरव गांगुली ने कर दिए ये 4 बेहतरीन काम, जिनके चलते हो रही वाहवाही

23 अक्टूबर को सौरव गांगुली ने अधिकारिक तौर पर का अध्यक्ष पद संभाला था. उनके कार्यकाल को एक हफ्ते का समय हो गया है. उन्होंने अपने इस एक हफ्ते के कार्यकाल में 4 बेहतरीन काम किये हैं. उनके इन 4 कामों को ही हम आपकों अपने इस ख़ास लेख में बताएंगे.

डे-नाईट टेस्ट किया आयोजित

22 से 26 नवंबर के बीच होने वाले ईडन गार्डन टेस्ट अब डे-नाईट टेस्ट मैच होगा और पिंक बॉल से खेला जाएगा. बता दें, कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कुछ दिन पहले ही बयान दिया था और कहा था, कि भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली डे-नाईट टेस्ट खेलने के लिए तैयार है.

दरअसल, पहले उन्होंने डे-नाईट टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम के खिलाड़ियों को मनाया और उसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को इसका प्रस्ताव भी भेजा था. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड डे-नाईट टेस्ट खेलने के लिए तैयार हो गया है. अब दो मैचों की इस टेस्ट सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच डे-नाईट होगा.

घरेलू क्रिकेटरों को देने वाले हैं अनुबंध

घरेलू क्रिकेटरों के लिए अनुबंध जैसा बड़ा कदम उठाकर सौरव गांगुली हजारों घरेलू क्रिकेटरों का भला करने जा रहे हैं. दरअसल, गांगुली के अनुबंध प्रणाली लाने के बाद घरेलू क्रिकेटरों को भी अंतरराष्ट्रिय क्रिकेट की तरह सालाना कुछ धनराशी दी जाएगी.

सौरव गांगुली ने कुछ दिन पहले ही अपने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, कि “हम प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों के लिए एक अनुबंध प्रणाली लाएंगे. हम नई वित्त समिति से एक अनुबंंध प्रणाली को तैयार करने के लिए कहेंगे. अभी चार-पांच दिन हुए हैं और बीच में दिवाली का अवकाश था. सबकुछ का आकलन करने और आगे बढ़ने में लगभग दो सप्ताह का समय लगेगा. इस पर बहुत काम चल रहा है.

एनसीए में द्रविड़ के साथ किया रोड-मैप तैयार

पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद ही सौरव गांगुली ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी राहुल द्रविड़ से मिलने का फैसला किया, जो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख हैं. भारतीय क्रिकेट के रोड-मैप पर चर्चा करने के लिए सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ से मिले.

पिछले कुछ वर्षों में, एनसीए पुनर्वास केंद्र बन गया है. एनसीए में युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया जाता है और उन्हें अंतरराष्ट्रिय क्रिकेट के लिए तैयार किया जाता है. गांगुली एनसीए में बेहतर से बेहतर सुविधा खिलाड़ियों तक पहुंचाना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने एनसीए प्रमुख से बात भी की है.

विजय हजारे ट्रॉफी के नियमों में किया बदलाव

इस वर्ष, विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई और पंजाब को अजीब नियमों के कारण टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा था. दरअसल, दोनों के मैचों में बारिश आ गई थी और दोनों ही टीमें अपने-अपने क्वार्टर फाइनल में जीत की तरफ बढ़ती दिख रही थी, लेकिन लीग स्टेज में अपनी विपक्षी टीमों से कम अंक होने के कारण इन दोनों टीमों को बाहर होना पड़ा था .

हालांकि, अब सौरव गांगुली ने इस नियम पर ध्यान देने की बात कही है कहा है कि बोर्ड भविष्य में सरल नियमों के साथ आएगा. बीसीसीआई अध्यक्ष ने कहा था, कि “हम इसका आंकलन करेंगे, कोशिश करेंगे और इसे सरल बनाएंगे. नियम यह था कि जिसने भी लीग स्टेज में अधिक मैच जीते हैं, उसके प्रदर्शन को महत्व देकर सेमीफाइनल मे जगह दी जाए, जो पूरी तरह से गलत है.

उचित बिंदु यह है कि क्या नॉकआउट के लिए आरक्षित दिन रखा जा सकता है. क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल बहुत महत्वपूर्ण हैं, जो एक व्यावहारिक बात है, तो हां, यह एक विकल्प हो सकता है, जिसे हम अपना सकते हैं.