अब अवैध हथियार रखने और चलाने वालों की खैर नहीं, केंद्र सरकार ने की ये तैयारी

केंद्र सरकार अवैध हथियार संशोधन अधिनियम ला रही है जिसके तहत अवैध हथियारों के मामले मे सजा आजीवन कारावास तक करने का प्रावधान किया गया है. कैबिनेट ने ये बिल पास कर दिया है और संसद सत्र मे सरकार इसे पेश करने जा रही है.

नई दिल्ली: देश में तेजी से बढ रहे गन कल्चर पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार अवैध हथियार संशोधन अधिनियम ला रही है जिसके तहत अवैध हथियारों के मामले मे सजा आजीवन कारावास तक करने का प्रावधान किया गया है. कैबिनेट ने ये बिल पास कर दिया है और संसद सत्र मे सरकार इसे पेश करने जा रही है. नए कानून के तहत आम आदमी को रखने वाले हथियारो की संख्या में भी कमी की गई है और हथियार लाइसेंस रिनूवल करने की अवधि भी तीन साल से बढा कर पांच साल की जा रही है,.

पिछले कुछ महीनों में देश में कई जगह सरेआम गोली चलाने और हथियार बरामदगी के मामलों में तेजी आई है. इसी साल सितंबर में दिल्ली में ताबड़तोड़ 11 लोगों को गोलियां मार दी गई थी. जिसके बाद लग रहा था कि यूरोप की तर्ज पर दिल्ली मे भी गन कल्चर आम हो रहा है और आए दिन बरामद होने वाले अवैध हथियारों के जखीरें को देश भर मे जगह जगह पकड़ा जा रहा है. इन्हीं अवैध हथियारों के दम पर जरा जरा सी बात पर गोली चलाने का फैशन देश में हावी हो रहा है.

इन्हीं सब पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने अवैध हथियार अधिनियम में संशोधन करने का फैसला किया, और अब जो कड़ा कानून लाया जा रहा है उसके लागू होने के बाद अवैध हथियार रखने के पहले अब आम आदमी को एक बार नहीं सौ बार सोचने पर मजबूर हो जाएगा. जिससे बढ़ते अपराधों में कमी आएगी. कैबिनेट ने जिस अधिनियम को पास किया है उसमे पहले से ज्यादा कड़ी सजाओं का प्रावधान किया गया है

अवैध हथियार के मामले में मिलने वाली सजा

अवैध हथियार बनाने वालो को आजीवन कारावास तक की सजा

अवैध हथियार अधिनियम में 5 और 10 साल की जगह 7 से 14 साल की सजा

शादी विवाह मे लापरवाही से फायरिंग करने पर भी सजा में बढोतरी

अवैध हथियारो के जरिए संगठित अपराध पर 10 साल से आजीवन कारावास की सजा

पुलिस सैन्य बल से हथियार छीनने पर 10 साल और आजीवन कारावास की सजा

इसके साथ ही अब आम आदमी के हथियार रखने पर भी पाबंदी की गई है और हथियार लाइसेंस के रिनूवल की अवधि भी तीन साल से बढा कर पांच साल करने का प्रावधान किया गया है.