अब बाइक पर रियर-व्हील कवर होगा अनिवार्य, केंद्र सरकार ने किया मोटर वाहन एक्ट में संशोधन

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम 1988 में संशोधन के लिए 11 फरवरी को सूचना जारी कर एक ड्राफ्ट पेश किया है। इस ड्राफ्ट को ‘केंद्रीय मोटर वाहन नियम’ के नाम से 1 अक्टूबर 2020 से पूरे देश में लागू किया जाएगा।
इस ड्राफ्ट में वाहन और चालक की सुरक्षा से जुड़े कई मामलों पर ध्यान केंद्रित किया गया है, साथ ही दोपहिया वाहन के पिलियन राइडर की सुरक्षा, विंडस्क्रीन स्टैंडर्ड, लगेज कम्पार्टमेंट, स्पेयर व्हील से जुड़े कई नए सुरक्षा नियम व मानक बनाए गए हैं।
ड्राफ्ट में तैयार किए गए नियम संख्या 123 के अनुसार, अब सभी बाइक में पिलियन राइडर के लिए स्थाई हैंडग्रिप देना अनिवार्य है। यह हैंडग्रिप बाइक के पीछे या साइड में दिया जा सकता है।
इसके अलावा, बाइक में पिलियन राइडर के लिए अनिवार्य फुटरेस्ट और रियर-व्हील कवर की सुविधा होनी चाहिए जो कि पिलियन राइडर के कपड़ों को पहिए में फंसने से बचाने के लिए बाइक के रियर व्हील के आधे हिस्से को कवर करेगा।
आगामी अक्टूबर 2020 से सभी बाइक के रियर-व्हील आधे कवर होंगे। चूंकि, रियर-व्हील कवर से जुड़े नियम में साड़ी गार्ड के बारे में कुछ नहीं बताया गया है इसलिए पिछले पहिये को ढकने के लिए साड़ी गार्ड का इस्तेमाल जारी रहेगा।
अब यह देखना है कि बाइक निर्माता रियर व्हील कवर लगाने के इस नए नियम की जानकारी का उपयोग कैसे करेंगे लेकिन यह तय है की अब भारतीय बाइक का एक नया रूप देखने को मिलेगा।
कई बाइक चालक बाइक में दिए गए साड़ी गार्ड को हटा देते हैं जिससे बाइक की स्पोर्टी लुक उभर कर आती है। हालांकि, अब यह देखना है कि नए नियम के आने के बाद यह बाइक के स्टाइल और लुक को किस तरह प्रभावित करता है।