अब मोबाइल फोन मार्केट पर कब्ज़ा करेगी रिलायंस, 10 करोड़ सस्ते स्मार्टफोन लॉन्च करने की तैयारी

भारतीय बाजार पर चीनी मोबाइल कंपनियों के कब्जे के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd (RIL) की दूरसंचार इकाई (telecom unit) 10 करोड़ (100 मिलियन) से ज्यादा कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स के निर्माण की तैयारी में है. बिजनेस स्टैंडर्ड अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह फोन डेटा पैक के साथ बाजार आएंगे और इसे दिसंबर 2020 या अगले साल की शुरुआत में लॉन्च किया जा सकता है.

भारत की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस ने जुलाई में कहा था कि अल्फाबेट इंक का गूगल उसकी डिजिटल इकाई में 4.5 बिलियन डॉलर का निवेश करेगा. रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने जुलाई में कहा था कि Google कम लागत वाले 4 जी या 5जी स्मार्टफोन को बनाने के लिए एक एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) का निर्माण करेगा, जिसे रिलायंस डिजाइन करेगा.

रिलायंस ने अपने डिजिटल आर्म Jio प्लेटफॉर्म्स का लगभग 33 फीसदी हिस्सा बेचा है. निजी इक्विटी फर्म सिल्वर लेक पार्टनर्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 1.75 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 7,500 करोड़ का निवेश करेगा. दुनिया की सबसे बड़ी तकनीकी निवेशक सिल्वर लेक ने इससे पहले Jio प्लेटफार्मों में 1.34 बिलियन डॉलर में 2.08 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी. आरआईएल ने पहले जियो प्लेटफॉर्म के सभी 13 वित्तीय और रणनीतिक निवेशकों को अपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) इकाई में निवेश करने का विकल्प दिया था. इन निवेशकों में फेसबुक, गूगल, केकेआर, सिल्वर लेक और टीपीजी शामिल हैं.

विश्लेषकों के अनुसार आरआईएल इन वैश्विक निवेशकों को भारतीय खुदरा क्षेत्र में अमेज़न इंडिया और वॉलमार्ट के स्वामित्व वाले फ्लिपकार्ट जैसे प्रतिद्वंद्वियों को टक्कर लेने के लिए खड़ा कर रहा है. सिल्वर लेक दुनिया भर की कुछ सबसे बड़ी और सफल टेक कंपनियों में एक निवेशक है जैसे ट्विटर, एयरबीएनबी, अलीबाबा, डेल टेक्नोलॉजीज, एएनटी फाइनेंशियल इसमें शामिल हैं. फिलहाल भारत के टेलीकॉम मार्केट पर मुकेश अंबानी का कब्ज़ा है और जियो सबसे बड़ा ऑपरेटर बन चुका है.