अब लंबी दूरी तक चला सकेंगे इलेक्ट्रिक गाड़ियां, हाईवे पर सरकार लगाएगी चार्जिंग स्टेशंस

इलेक्ट्रिक गाड़ियां हाईवे पर भी हो सकेंगी चार्ज देश में लोगों को इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार कई ठोस कदम उठा रही है. लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियों को पसंद भी कर रहे हैं. लेकिन फिर भी चार्जिंग स्टेशंस की कमी और सही इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव होने के कारण लोग इस सेगमेंट की गाड़ियां फिलहाल लेने में हिचक रहे हैं. ऐसे में लोगों की इस मुश्किल को दूर करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने एक समझौता किया है.क्या है समझौता
एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) ने गुरुवार को कहा कि उसने देश भर में विभिन्न राजमार्गों (Highway) पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग संबंधी ढांचागत सुविधा स्थापित करने के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के साथ समझौता किया है.
कंपनी ने बयान में कहा कि राष्ट्रीय ई-वाहन कार्यक्रम (national e vehicle programme) के तहत ईईएसएल और भेल दोनों देश में तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के अवसरों को तलाशेंगी. समझौते के तहत भेल इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) समाधान पेश करेगी जबकि ईईएसएल सेवाओं, परिचालन और रखरखाव से संबद्ध सभी शुरुआती निवेश करेगी.
कैसे बढ़ेगा इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग
ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कहा, ‘वाहन क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और भारत सतत विकास को ध्यान में रखकर इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपना रहा है. देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा देने के लिए बुनियादी ढांचा प्रमुख जरूरत है.’ उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर चार्जिंग स्टेशन लगने से लोग इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए एक शहर से दूसरे शहर जाने के लिए प्रोत्साहित होंगे. इससे भविष्य में ऐसे वाहनों का उपयोग बढ़ेगा.