शिया वक्फ बोर्ड के वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि हमारा कहना था कि मीर बाकी शिया था और किसी भी शिया की बनाई गई मस्जिद को किसी सुन्नी को नहीं दिया जा सकता है. इसलिए इस पर हमारा अधिकार बनता है.