अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा अपडेट, मुस्लिम को मस्जिद के लिए वैकल्पिक स्थान पर प्लॉट दिया जाए

the directives from the supreme court come amid delhi   s air quality reaching hazardous levels  mohd

70 साल बाद अयोध्या जमीन विवाद पर आज सुप्रीम कोर्ट ने फैसला पढ़ना शुरू कर दिया है। कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा समाप्त कर दिया है। इस मामले में चार फैसले आने की संभावना, चार सील लिफाफे कोर्ट में पहुंचे हैं। कोर्ट ने सर्वसम्मति से शिया वक्फ बोर्ड की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि अयोध्या में सबसे पहले जमीन पर शिया और सुन्नी के दावे पर फैसला होगा। कोर्ट ने कहा कि अयोध्या मामले में शिया मामले का एक फैसला पढ़ने में आधा घंटे का समय लगेगा। उन्होंने कहा कि हम संतुलन पर चलेंगे किसी के पक्ष में नहीं जाएंगे।

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के लाइव अपडेट

– शिया वक्फ बोर्ड का दावा विवादित ढांचे को लेकर था जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।
– न्यायालय ने कहा कि राजस्व रिकार्ड के अनुसार विवादित भूमि सरकारी है ।
– न्यायालय अब पूजा के अधिकार के लिये गोपाल सिंह विशारद के दावे पर फैसला सुना रहा है।
– न्यायालय ने कहा कि निर्मोही अखाड़े की याचिका कानूनी समय सीमा के दायरे में नहीं, न ही वह रखरखाव या राम लला के उपासक। 
– न्यायालय ने कहा, राम जन्मभूमि एक न्याय सम्मत व्यक्ति नहीं। 

– रामजन्म स्थान पर एएसआई की रिपोर्ट मान्य है।
– स्थल पर ईदगाह का मामला उठाना ऑफ्टर थॉट है जो मुस्लिम पक्ष द्वारा एएसआई की रिपोर्ट के बाद उठाया गया।
– एएसआई के निष्कर्ष की यहां मंदिर था इसके होने के बारे में सबूत
– 12 और 16 वीं सदी के बीच यहां मस्जिद थी इसके सबूत नहीं है
– राम का केंद्रीय गुंबद के बीच में हुआ यह मान्यता है, कोर्ट ने पाया है कि ये वास्तविकता है। क्योंकि सभी गवाहों का यहीं मामन्ना है ये आस्था है जिस पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।
– यात्रियों के विवरण को सावधानी से देखने की जरूरत है, वहीं गजट ने  इसके सबूतों  की पुष्टि की है। हालांकि मालिकाना हक आस्था के आधार पर नहीं तय किया जा सकता सबूत है कि बाहरी स्थान पर हिन्दुओं का कब्जा था, इस पर मुस्लिम का कब्जा नहीं था। लेकिन मुस्लिम अंदरूनी भाग में नमाज़ भी करते रहे।

News source: Live Hindustan