आइआइटी खड़गपुर में केजरीवाल के सीनियर रहे मनोज पांडे ने जानिए क्‍या कहा

 शुरू से मेधावी रहने वाले अरविंद केजरीवाल ने पहले आइआइटी क्‍वालीफाई किया फिर आइ आरएस निकालकर अपनी प्रतिभा साबित की। अरविंद केजरीवाल के दिल्ली की सत्ता में भारी बहुमत से हैट्रिक लगाने से इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान उनके सीनियर रहे मनोज पांडे भी उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि आइआइटी खड़कपुर में पढ़ाई के दौरान अरविंद की सामाजिक कार्यों में गहरी रुचि ने जाहिर कर दिया था कि वह व्यवस्था परिवर्तन के नायक के तौर पर उभरेंगे।शपथ ग्रहण समारोह का न्‍यौता मिला तो जाऊंगाडॉ. आरएस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी में शहरी विकास प्रकोष्ठ के प्रभारी मनोज पांडे केमिकल इंजीनियरिंग से 1988 में, जबकि केजरीवाल मैकेनिकल इंजीनियरिंग से 1989 में पासआउट हुए। दोनों तीन साल तक हॉस्टल के नेहरू हॉल में साथ रहे। पांडे बताते हैं कि हॉस्टल में अरविंद को हर कोई केजरी कहकर पुकारता था। वह हमेशा सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही देश के मुद्दों पर बहस में उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते थे। पिछली बार जब आप ने प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज की थी तो शपथ ग्रहण समारोह का न्योता उन्हें भी मिला था। बोले, ‘तीन साल पहले अरविंद केजरीवाल से बात हुई थी। अगर समय मिला तो इस बार शपथ ग्रहण समारोह में जरूर जाऊंगा।’उत्तराखंड में लागू हो दिल्ली मॉडलएचएमटी में जीएम पद से वीआरएस लेकर एटीआइ में कार्यरत पांडे कहते हैं कि गरीब के लिए बेहतर शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं महत्वपूर्ण हैं। उन्हें खुशी है कि केजरी सरकार का शिक्षा व स्वास्थ्य का मॉडल जनता को पसंद आया। बोले, उत्तराखंड में सरकारी शिक्षा व स्वास्थ्य की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में सरकार को यहां की शिक्षा व स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए दिल्ली मॉडल लागू करना चाहिए। सरकारों को जनता की बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, तभी 21वीं शताब्दी में भारत दुनिया का सुपर पावर बनेगा।