आतंकी ठिकानों की अब खैर नहीं, भारत पहुंची लेजर गाइडेड स्पाइस 2000 बमों की पहली खेप

भारतीय वायु सेना की सैन्य क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है। वायु सेना के बेड़े में स्पाइस-2000 लेजर गाइडेड बमों को शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इजराइल ने इन लेजर गाइडेड बमों की आपूर्ति शूरू कर दी है। मार्क 84 वॉरहेड और बमों के साथ स्पाइस 2000 बमों का पहला जत्था रविवार को ग्वालियर पहुंचा। अभी भारतीय वायु सेना के मिराज-2000 विमान स्पाइस-2000 बमों से लैस हैं। ये वही स्पाइस 2000 लेजर गाइडेड बम हैं जिनका इस्तेमाल कर भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में तबाही मचा दी थी और आतंकवादी संगठन जैश-ए मोहम्मद के आतंकी शिविर पर हमला कर उसे धूल में मिला दिया था। ये लेजर गाइडेड बम इतने खतरनाक हैं कि एक बार में पूरी की पूरी बिल्डिंग को ध्वस्त कर सकते हैं। 

जानकारी यह भी मिली है कि 300 करोड़ रुपये की लागत वाली लेजर गाइडेड बमों की वर्तमान डील के पूरा होने के बाद वायु सेना बड़ी संख्या में बमों को खरीदने का आदेश देगी।  भारतीय वायु सेना अपने लड़ाकू विमानों को और शक्तिशाली बनाने के लिए सुखोई-30एमकेआई को भी इजराइल के स्पाइस-2000 बमों से लैस करने की तैयारी कर रही थी। हालांकि, अभी इस बात की जानकारी नहीं है कि यह प्रक्रिया पूरी हुई है या अभी चल रही है।

ये लेजर गाइडेड बम सटीक निशाने पर तबाही मचाने के लिए सबसे बेहतर माने जाते हैं। लड़ाकू विमानों से इन बमों को बेहद सटीक निशाना लगाकर दुश्मन को चंद सेकंट में नेस्तनाबूद किया जा सकता है। ये बम वॉरहेड का इस्तेमाल कर आसानी से पूरी की पूरी बिल्डिंग को गिरा सकता है। इससे पहली भारत ने इजराइल से स्पाइस-2000 स्मार्ट बम की 200 यूनिट की खरीदी की थी। इसकी खासियत यह है कि यह एक जीपीएस गाइडेंस किट के साथ लगाया जाता है, जो हवा में गिरने वाले अनप्लग्ड बमों को सटीक निशाना लगाकर उड़ा सकता है। ये लेजर गाइडेड स्पाइस 2000 बम दुश्मन और आतंकियों के बंकरों को आसानी से तबाह कर सकता है।