आसमान से हुआ बड़ा हमला, 152 पाकिस्तानियों के उड़ गये चीथड़े, लाशो के लग गये ढेर

 पाकिस्तान के करीब 6,000-6,500 आतंकवादी पड़ोसी मुल्क अफगानिस्तान में सक्रिय हैं जिनमें से अधिकतर का संबंध ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ से है और वे दोनों देश के लिए खतरा हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अफगानिस्तान के इंटीरियर अफेयर्स मंत्रालय ने एक लिस्ट जारी किया है। जिसमें ये बताया गया है कि हेलमंद और कांधार में एक महीने पहले शुरू किए गए अभियान में करीब 70 तालिबानी कमांडर मारे गए हैं। तालिबान के हमलों के जवाब में अफगानी सुरक्षाबलों ने यह ऑपरेशन जारी किया था। मंत्रालय के मुताबिक 20 कमांडर हेलमंद के अलग-अलग हिस्सों के थे और 45-100 सदस्यों तक के समूहों का नेतृत्व कर रहे थे।

वहीं, कांधार में करीब 40 तालिबानी कमांडर मारे गए हैं। अभी भी ऑपरेशन जारी है कि लेकिन मंत्रालय ने दावा किया है कि तालिबान को मात दे दी गई है। मंत्रालय की तरफ से मारे गये आतंकियों की एक लिस्ट जारी की गई। जिसमें ये बताया गया कि हेलमंद में मारे गए 10 कमांडर उरुजगा, कांधार और गजनी से आए थे।

बात करें अगर पाकिस्तान की तो उसके कम से कम 152 लड़ाके हेलमंद प्रांत में ढेर किये गये हैं। अगर हम आंकड़ों पर गौर करें तो 65 शवों को डुरंड लाइन के जरिए ट्रांसफर कर दिया गया है जबकि 35 शवों को फराह, 54 को हेलमंद, 13 को जाबुल और 13 को उरुजगान प्रांत पहुंचाया जा रहा है। पाकिस्तान भी अपने मारे गये लोगों की मौत से गमजदा है। वहां के लोग बेहद ही गुस्से में है। उन्होंने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।

मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से बताया गया कि तालिबान के हमलों में पिछले 25 दिन में कम से कम 134 बेगुनाह लोगों की भी जान चली गई है। जबकि और 289 लोग बुरी तरह से जख्मी हो गये हैं। वहीं, तालिबान ने मंत्रालय के बयान का खंडन किया है। इस दौरान 30 तालिबानी कमांडर हेलमंद में घायल हुए हैं। इस ऑपरेशन का नेतृत्व चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल मोहम्मद यासिन जिया कर रहे थे।