इंजीनियर के सिर चढ़ा IAS का जुननू, लाखों का जॉब छोड़ UPSC किया टॉप

कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता, जरा तबियत से पत्थर तो मारो यारों, यह लाइन तो बेशक आपने सुनी ही होगी और खासतौर पर उन लोगों ने तो जरुर ही सुनी होगी जो बड़े मुश्किल दौर से गुजर कर बड़ा मुकाम हासिल करते हैं. यह कहावत पर पॉवर ग्रिड कार्पोरेशन में इंजीनियर के पद पर अच्छी खासी नौकर कर रहे वर्णित नेगी पर बहुत ही सटीक बैठती है.

जी हाँ, असल में इनकी कहानी ही कुछ अलग तरह की है, इनके पास नौकरी भी थी, तरक्की भी थी और पैसे भी मगर इस सबके साथ जूनून भी था वो भी जबरदस्त जोश के साथ क्योंकि इन्हें बनाना था आईएएस.

हालाँकि उनकी जोश में बाधाएं भी आयीं वो भी एक या दो नहीं बल्कि पुरे तीन-तीन बार. मगर वर्णित ने अपनी स्मार्ट वर्क स्ट्रेटजी से ये कर दिखाया. आपकी जानकरी के लिए बताते चलें की वर्णित ने अच्छी खासी नौकरी छोड़ कर बहुत ही लगन के साथ मेहनत की और साल 2018 में यूपीएससी में 13वीं रैंक हासिल की है. छत्तीसगढ़ के जशपुर के इस लड़के ने एक वीडियो इंटरव्यू के दौरान वर्णित ने बताया की उन्होंने इसके लिए सिर्फ हार्ड वर्क ही नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क भी किया जिससे उन्हें यह सफलता मिली.

बता दें कि जसपुर में पले बढ़े वर्णित ने अपनी शुरुवाती पढाई बिलासपुर से और उसके बाद इंटरमीडीएट की पढ़ाई कोटा राजस्थान से पूरी की है. इसके बाद उन्होंने एनआईटी से सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद पॉवर ग्रिड कार्पोरेशन में इंजीनियर की नौकरी प्राप्त कर ली. मगर सिर्फ इतने से वो संतुष्ट नहीं थे, कहीं ना कहीं उनके मन में इससे भी कुछ ज्यादा की इच्छा थी और देश को और भी बेहतर बनाने के लिए वो आईएएस बनना चाहते थे. अपने इस मुश्किल सपने को पूरा करने के लिए वर्णित ने मार्च 2016 में इसकी शुरुवात कर दी, हालाँकि पहले प्रयास में वो मेन क्लीयर नहीं कर पाये और इसके बाद जब उन्होंने दुसरी बार फिर से परीक्षा दी तो उनकी 504वीं रैंक आई.

इस सफलता से वो उत्साहित भी हुए एयर इसके रैंकिंग के आधार पर उन्हें असिस्टेंट सिक्योरिटी कमिश्नर रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स का पद ऑफर किया गया मगर उन्होंने एक और प्रयास के लिए तयारी शुरू कर दिया. मजे की बात तो ये है की तीसरे प्रयास में वर्णित ने बहुत ही शानदार प्रयास किया और 13वीं रैंक हासिल हुई. वर्णित बताते हैं कि यूपीएससी की तैयारी इतनी भी आसान नहीं हैं इसके लिए आपको सामान्य से काफी ज्यादा मेंहनत करनी होती है. साथ ही जीवन में बहुत सारे त्याग भी करने होते है. वर्णित के मन में इससे पहले इस तरह के कई सवाल आते थे की वो कौन लोग होते होंगे जो लाखों हजारों में जो इस परीक्षा में टॉप 10 या फिर 100 में आ जाते हैं.

वो ये भी कहते हैं की परीक्षा की तयारी में सिर्फ आपकी मेहनत ही आवश्यक नहीं है बल्कि इसके साथ साथ परिवार वालों का भी बहुत ही अहम् रोल होता है. सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है की आप इस बेहद भटकाऊ सोशल मीडिया की दुनिया से बाहर रहना होता है. हार्डवर्क जरूरी मगर स्मार्ट तरीके से यूपीएससी की तैयारी में हार्डवर्क तो जरूरी है मगर सका तरीका स्मार्ट होना चाहिए तब ही यह संभव है की आप टॉप रैंकिंग में आ पाएंगे. यह आसन तो बिलकुल नहीं है मगर अच्छी जगह पाने के लिए आपको सबसे अलग हट कर मेहनत करनी होती है.