इतना खाता था कि लोग पांडा कहने लगे, विराट ने भी टीम से निकाला, ट्रिपल सेंचुरी ठोक बना माचो मैन

सरफराज खान तिहरा शतक लगाने के बाद. युवा बल्‍लेबाज सरफराज खान (Sarfaraz Khan) ने पिछले दिनों रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में मुंबई की ओर से खेलते हुए तिहरा शतक लगाया था. इस प्रदर्शन के बाद वे एक बार फिर से खबरों में हैं. सरफराज अभी 22 साल के ही हैं लेकिन घरेलू क्रिकेट में करीब 5 साल से सक्रिय हैं. उनसे काफी उम्‍मीदें लगाई गई थीं लेकिन फिटनेस की समस्‍याओं के चलते उनका करियर पीछे रह गया. सरफराज का कहना है कि उनके दोस्‍त उन्‍हें पांडा कहते थे. मुंबई से पर्याप्‍त मौके न मिलने के बाद वे घरेलू क्रिकेट में उत्‍तर प्रदेश के लिए खेलने लगे. लेकिन यहां भी उन्‍हें फायदा नहीं हुआ. ऐसे में वे फिर से मुंबई में लौट गए. आईपीएल में भी उन्‍होंने बल्‍लेबाजी से असर डाला था. विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्‍तानी वाली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (Royal Challengers Bangalore) टीम ने उन्‍हें रिटेन भी किया था लेकिन अगले साल ही रिलीज कर दिया था. कोहली उनकी फिटनेस को लेकर नाराज थे. एक इंटरव्‍यू में सरफराज खान ने बताया कि आरसीबी से निकाले पर जाने पर वे आहत थे. आरसीबी ने निकाला तो आहत थे सरफराज
ईएसपीएनक्रिकइंफो को दिए इंटरव्‍यू में सरफराज ने कहा, ‘आरसीबी से रिलीज किए जाने पर मैं आहत था लेकिन कुछ कर नहीं सकता था. पिछले साल किंग्‍स इलेवन पंजाब के लिए मेरा आईपीएल अच्‍छा रहा. राजस्‍थान रॉयल्‍स जिनके पास जोफ्रा आर्चर, बेन स्‍टोक्‍स और जयदेव उनादकट जैसे गेंदबाज थे उनके खिलाफ नाबाद 46 रन बनाए. वहीं चेन्‍नई सुपरकिंग्‍स के खिलाफ मैंने 67 रन की पारी खेली थी. मुझे फिटनेस की वजह से आरसीबी ने बाहर किया था. विराट कोहली ने मुझे साफ कहा था कि तुम्‍हारी काबिलियत पर कोई शक नहीं है लेकिन फिटनेस की वजह से मैं आगे नहीं बढ़ रहा हूं. उन्‍होंने सब कुछ ईमानदारी से कहा था.’
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सरफराज खान इंडियन प्रीमियर लीग में विराट कोहली की कप्तानी वाली आरसीबी टीम का हिस्सा रहे हैं.
फिट होने को छोड़ी मिठाई
सरफराज ने कहा कि वे 10-11 साल की उम्र से उन्‍हें केवल बल्‍लेबाजी और गेंदबाजी ही क्रिकेट लगता था. फिटनेस के बारे में कुछ नहीं पता था. अंडर 19 टीम में आने के बाद इसके बारे में पता चला. लेकिन फिर भी आरसीबी ने उन्‍हें अपने साथ बनाए रखा. उस समय लगा कि कोहली और एबी डिविलियर्स के साथ होना ही बड़ी बात है. उन्‍होंने कहा, ‘उसके बारे में अब सोचता हूं तो फिटनेस को लेकर मेरा पूरा विचार बदल जाता है. इसलिए मैंने काम शुरू किया. मैंने मिठाई छोड़ दी, जंक फूड में कटौती की.’
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सरफराज खान अब मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं.
कभी पांडा कहे जाते थे अब बन गए माचोमैन
उत्‍तर प्रदेश के खिलाफ तिहरा शतक लगाने के बारे में उन्‍होंने कहा कि 250 रन बनाने के बाद ऐसे मौके आए जब क्रैंप (खिंचाव) आ रहे थे. बुखार भी था लेकिन उन्‍होंने खेलना जारी रखा. उस मैच में दो दिन फील्डिंग की और फिर दो दिन बल्‍लेबाजी. काफी खाना खाने की वजह से एक समय दोस्‍त ‘पांडा’ कहकर बुलाते थे लेकिन अब वे ‘माचो’ कहने लगे हैं. अब यही उनका निकनेम बन गया है.
मुंबई छोड़ने को माना गलत फैसला
मुंबई छोड़कर उत्‍तर प्रदेश के लिए खेलने के बारे में सरफराज ने कहा, ‘मुंबई छोड़ना गलत फैसला था. यह फैसला मेरे पिता ने लिया था. उस समय उम्र कम थी तो चीजें समझ में नहीं आती हैं. जब मैं यूपी चला गया तो हमेशा ख्‍याल आता था कि क्‍या कभी मुंबई के लिए फिर से खेल पाऊंगा. मैंने यहीं पर क्रिकेट खेलना शुरू किया था. मुंबई से खेलकर ही अंडर 19 टीम में चुना गया था. लेकिन यहां मुझे बाहरी जैसा महसूस होता था. मुझे मौके नहीं मिलते थे.’