इन MOTHER INDIA को सलाम : प्रियंका रेड्डी के अपराधियों की माताओं ने दिखाया जिगर, कहा – मेरे बेटों को भी वैसी ही सज़ा दो

 हैदराबाद (HYDERABAD) में पशु चिकित्सक (VETERINARY DOCTOR) 28 वर्षीय प्रियंका रेड्डी (PRIYANKA REDDY) की बलात्कार और हत्या (RAPE & MURDER CASE) के मामले ने पूरे देश में एक बार फिर से बलात्कारियों के विरुद्ध आक्रोश पैदा कर दिया है। पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किये जा रहे हैं और आरोपियों के लिये कड़ी से कड़ी सज़ा की माँग की जा रही है। ऐसे में चारों आरोपियों की माताओं ने त्याग की मूर्ति कहलाने वाली भारतीय नारी की परिभाषा को नये सिरे से पारिभाषित करके खुद को सही मायनों में ‘MOTHER INDIA’ सिद्ध किया है। चारों आरोपियों की माताओं ने भी देश की आवाज़ में अपनी आवाज़ मिलाते हुए अपने बेटों के लिये उसी सज़ा की माँग की है, जो पूरा देश कर रहा है। इन माताओं ने कहा है कि ‘जैसे उनके बेटों ने प्रियंका को मारा है, उन्हें भी वैसी ही मौत दी जानी चाहिये। ऐसा करने पर उन्हें अपने बेटों के लिये कोई दुःख नहीं होगा।’

क्या है पूरा मामला ?

तेलंगाना (TELANGANA) के रंगारेड्डी जिले के शादनगर में बुधवार रात 9.30 बजे से लेकर 11 बजे के दौरान प्रियंका रेड्डी के साथ बर्बरता की घटना घटित हुई। दूसरे दिन सुबह शादनगर के पास चटानपल्ली ब्रिज के पास उसका अधजला शव बरामद हुआ था। नागरकर्नुल जिले के कोडेरू मंडल के नरसाईपल्ली निवासी श्रीधर रेड्डी और उनकी धर्मपत्नी विजयम्मा की बेटी प्रियंका महबूबनगर जिले के नवाबपेट मंडल के कोल्लुरू में स्थित एक सरकारी वेटर्नरी अस्पताल में पशु चिकित्सक थी, जबकि इस दंपति की दूसरी बेटी भव्या शमशाबाद एयरपोर्ट पर नौकरी करती है। श्रीधर रेड्डी का परिवार पिछले 4 वर्ष से शमशाबाद में रहता है। बुधवार को कोल्लुरू में ड्यूटी खत्म होने के बाद प्रियंका शाम 5 बजे घर लौट आई थी। इसके बाद चेहरे पर दाग बढ़ जाने से इलाज कराने के लिये 6 बजे घर से स्कूटी लेकर निकली थी। उसने हमेशा की तरह स्कूटी तोंडुपल्ली में टोल प्लाजा के पास पार्क की थी और दूसरे वाहन से गच्चीबावली में स्थित एक क्लिनिक में गई थी। वहाँ से वह रात को 9 बजे टोल प्लाजा लौटी थी, परंतु स्कूटी पंक्चर थी। इसी दौरान पास में खड़ा एक 20 वर्षीय युवक उसके पास आया और उसने पंक्चर जुड़वाने में उसकी मदद करने का ऑफर दिया। इसके बाद वह युवक स्कूटी ले गया और थोड़ी देर बाद लौटा। उसने बताया कि कोई पंक्चर वाला नहीं मिला। जब प्रियंका ने उससे कहा कि कोई बात नहीं, वह खुद पंक्चर बनवा लेगी तो युवक ने स्कूटी रास्ते में बिगड़ जाने की भी बात कही और ठीक करा कर ही लाने की बात कहकर अपने साथ ले गया।

दूसरी तरफ वहाँ अकेली खड़ी प्रियंका को कुछ लोग गलत नज़र से घूर रहे थे। इसलिये लगभग 9.22 बजे बहन भव्या को फोन लगा कर स्कूटी पंक्चर होने और रिपेयरिंग के लिये एक लड़के के ले जाने की बात कही, साथ ही कुछ लोग अकेला देख कर घूर रहे होने की बात कहते हुए उससे फोन पर बातचीत करते रहने के लिये कहा। कुछ देर तक बात करने के बाद प्रियंका का फोन लगभग साढ़े नौ बजे स्विच ऑफ हो गया और इसके अगले दिन एक किसान ने चटानपल्ली ब्रिज के नीचे संदिग्ध रूप से कुछ जलने की पुलिस को सूचना दी, तब प्रियंका का अधजला शव बरामद हुआ। गले में पहने लॉकेट से प्रियंका की पहचान की गई थी। इसके बाद इसी दिन देर शाम को एक जगह से प्रियंका की स्कूटी बरामद की गई थी। डॉक्टरों ने स्थल पर ही अधजले शव का पोस्टमार्टम करके अपनी रिपोर्ट दी थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू करके 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

आरोपी चेन्नकेशवुलु की माँ जयम्मा :

जक्लेर गाँव के सभी निवासी और आरोपियों की माताओं ने भी घटना के विरोध में प्रदर्शन किया और रास्ता रोको आंदोलन करके आरोपियों के लिये कड़ी से कड़ी सज़ा की माँग की। आरोपी चेन्नकेशवुलु की माँ जयम्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उसे अपने बेटे से ऐसे जघन्य अपराध को अंजाम देने की बिल्कुल उम्मीद नहीं थी। जब उसके पति को पता चला तो वह इतना टूट गया कि आत्महत्या करने का प्रयास किया। कुछ महीने पहले ही उसके बेटे ने लव मैरेज किया था, तब भी परिवार ने उसे कुछ नहीं कहा और यह सोचकर रह गया कि अब जो हो गया सो हो गया। उसकी एक किडनी भी खराब है। जयम्मा के अनुसार मोहम्मद आरिफ ने उसके बेटे को बिगाड़ा, जो लॉरी में लोडिंग का काम करने के लिये उसे ले गया और इस घिनौने अपराध में उसे भी भागीदार बना लिया। अब सभी लोग हमारे बारे में बातें कर रहे हैं। हमारे घर में भी बेटियाँ हैं। हम भी प्रियंका के परिवार का दर्द समझ सकते हैं। मेरे बेटे को भी उसी तरह मार दो, जैसे उसने प्रियंका को मारा है। उसे फांसी पर चढ़ा दो, मुझे उसकी कोई परवाह नहीं है, हमें उसके लिये कोई दुःख नहीं होगा। ऐसा काम करने वालों के साथ ऐसा ही होना चाहिये। न्याय सबके लिये बराबर होना चाहिये।

आरोपी आरिफ की माँ मौलाना बी

प्रियंका के दूसरे अपराधी आरिफ की माँ मौलाना बी ने भी कहा कि ‘मेरे बेटे ने इतना घिनौना काम किया है, इस पर मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा है। मुझे और मेरे बेटे दोनों को सज़ा दीजिये, मैंने ही ऐसा बेटा पैदा किया है। पूरा गाँव मेरे परिवार और बेटे के बारे में जो-जो बातें कर रहा है, वह मुझसे बर्दाश्त नहीं होती हैं। मेरी भी बेटी है, मेरा पति है, जिनके लिये ही मैं जिंदा रहना चाहती हूँ। बहन पूछती है भाई ने क्या किया है, तो मैं उसे क्या बताऊँ और कैसे बताऊँ। हम लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं, हमारी नींदें उड़ चुकी हैं। हमारी बेटी को उसकी सहेलियाँ हिंमत दे रही हैं।’

आरोपी शिवा की माँ मणेम्मा

प्रियंका के तीसरे आरोपी शिवा की माँ मणेम्मा का कहना है कि उसने अपने बेटे से कहा था कि लॉरी क्लीनर का काम अच्छा नहीं है, यह काम छोड़ दे। उसने भी कहा था कि ठीक है, वेतन लेने के बाद छोड़ दूँगा और इतना कह कर वह बाहर चला गया था। अब इस दलदल में फँस गया। मेरे बेटे के साथ धोखा हुआ है, वह कभी-कभी खून की उल्टियाँ भी करता था। आरिफ का फोन आते ही वह उसके साथ चला गया। बड़ा बेटा मिट्टी का काम करके गुजारा करता है, उससे भी कहा था तू भी मजदूरी करके जिंदगी जी लेना। मगर आरिफ के बुलाने पर गया और ये सब हो गया।

आरोपी नवीन की माँ लक्ष्मी

चौथे आरोपी नवीन की माँ लक्ष्मी का कहना है कि जब नवीन छोटा था, तब ही उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। सोचा था कि नवीन बड़ा होकर परिवार की देखभाल करेगा, परंतु वह ऐसा काम करके जेल चला गया। वह कक्षा – 7 तक पढ़ा है, उसे पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी। नवीन को आरिफ ने बाइक दिला कर फुसला लिया था। इसलिये जब भी आरिफ का फोन आता था तो वह सब कुछ छोड़-छाड़ कर चला जाता था। आरिफ के कारण ही नवीन लॉरी ड्राइवर बना और हैदराबाद चला गया। नवीन ने लक्ष्मी को बताया था कि वह श्रीनिवास रेड्डी के यहाँ ड्राइवर की नौकरी करता है। सोमवार को आरिफ के बुलाने पर गया था, इसके बाद गुरुवार की रात को घर लौटा था। आते ही सो गया था। सुबह उसे पुलिस पकड़ कर ले गई।