इस खिलाड़ी ने भारतीय टीम में आने के लिए किया बड़ा फर्जीवाड़ा, BCCI ने लगाया 2 साल का बैन

भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने के लिए लाखों क्रिकेटर कोशिश करते रहते हैं। इनमें से अधिकांश खिलाड़ी बल्ले और गेंद के साथ बेहतर प्रदर्शन करके भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं। लेकिन कुछ ऐसे खिलाड़ी भी होते हैं। जो अपने सपने को पूरा करने के लिए गलत रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐसा ही दिल्ली के क्रिकेटर ने किया है। जिसने अपनी असली उम्र को छिपा ली और अब खुलासा होने के बाद बीसीसीआई ने उस खिलाड़ी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं। उस खिलाड़ी का नाम प्रिंस रामनिवास यादव है। इस खिलाड़ी पर उम्र की धोखाधड़ी करने का आरोप साबित हो गया है और बीसीसीआई ने इस खिलाड़ी पर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है। खबरों के अनुसार प्रिंस रामनिवास यादव ने बीसीसीआई को अपना जन्म का साल 2001 बताया था। जबकि बीसीसीआई ने उनके दसवीं का सर्टिफिकेट चेक किया तो उसमें पाया गया कि प्रिंस ने साल 2012 में दसवीं की परीक्षा पास की थी। उनका वास्तविक जन्म का साल 1996 है।

इसके अनुसार प्रिंस रामनिवास यादव ने बीसीसीआई को 5 साल अपनी उम्र कम बताया। दसवीं की सर्टिफिकेट के अनुसार उनकी उम्र 23 साल होनी चाहिए। लेकिन वह अपनी उम्र को 18 साल बता रहे थे। दरअसल प्रिंस रामनिवास यादव की एक गलती की वजह से उनकी करतूत सबके सामने आ गई। दरअसल साल 2018-19 में प्रिंस रामनिवास यादव ने खुद को अंडर-19 टीम में शामिल करवाया था। उस समय उनकी उम्र 18 साल थी। इसके बाद उन्होंने इस साल भी अपनी उम्र 18 साल ही बता दी। जिसके बाद बीसीसीआई को उनके ऊपर शक हो गया और उन्होंने जांच करने का आदेश दिया। उसके बाद जब खुलासा हो गया तो बीसीसीआई ने इस खिलाड़ी पर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है और वह 2021-22 तक घरेलू क्रिकेट में भी नहीं खेल पाएंगे।

गौरतलब है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि दिल्ली का कोई खिलाड़ी के घोटाले में फंसा हो। इससे पहले भी इसी साल जून में के खिलाड़ियों पर उम्र के फर्जीवाड़े का आरोप लगा था। जिनमें अंडर-19 विश्व कप में ओपनिंग करने वाले मनजोत कालरा और आईपीएल के सुपर स्टार नितीश राणा भी शामिल थे।