एसडीएम से किसान बोला-साहब 50 किलो धान का मैसेज आया है, बाइक ते ल्यांवां जां ट्रॉली ते

सरकारी आदेशों के बावजूद मंगलवार को तीसरे दिन भी जिलेभर की मंडियों व खरीद केंद्रों पर कहीं धान की खरीद नहीं हुई। मंडियों में धान गिराने की जगह न होने पर सड़कों तक धान पहुंच गया है। थानेसर में केडीबी 100 फुटा रोड पर किसानों ने धान डालना शुरू कर दिया है। खरीद न होने पर थानेसर में जहां मार्केट कमेटी में एकजुट होकर किसानों व आढ़तियों ने रोष जताया। पिहोवा व बाबैन में किसानों ने सड़कें जाम रखी। थानेसर में मार्केट कमेटी कार्यालय में किसान-आढ़तियों ने रोष जताया मौके पर पहुंच एसडीएम को ज्ञापन दिया।

लाडवा में किसानों व आढ़तियों ने मंडी में रोष मार्च निकाल सरकार को कोसा। शाहाबाद में भी किसान-व्यापारी बेहाल रहे। पोर्टल की खामियों को ही दुरुस्त करना चुनौती बना रहा। नए साफ्टवेयर के जरिए किसानों के पास पहुंचे शेड्यूल ने किसानों को आफत में डाले रखा। कई किसानों के पास एक क्विंटल, तो किसी के पास पांच क्विंटल धान लेकर मंडी आने के मैसेज पहुंचे। जिससे किसान असमंजस में पड़े रहे। वहीं गेट पास का पोर्टल मंगलवार से शुरू तो हुए लेकिन कई खामियां रही ।

40 क्विंटल से अधिक धान का गेट पास इस पोर्टल के जरिए नहीं कटा। उधर भाकियू नेता गुरनाम चढूनी के नेतृत्व में किसान चंडीगढ़ में खाद्य आपूर्ति विभाग के एसीएस पीके दास से मिले, कोई ठोस आश्वासन धान खरीद सुचारू को लेकर न मिलने पर बुधवार 11 बजे प्रदेशभर की मंडियों के बाहर जाम लगाने का ऐलान किया है। राइस मिलर्स द्वारा सोमवार को सौंपे गए चंडीगढ़ में मांगपत्र पर भी कोई जवाब सरकार की ओर से न आने पर हड़ताल जारी रखने की बात मिलर्स कर रहे हैं।

थानेसर मार्केट कमेटी पहुंचे किसान, एसडीएम ने सुनी समस्याएं

एसडीएम अखिल पिलानी थानेसर मार्केट कमेटी पहुंचे। किसानों व आढ़तियों ने उनके सामने समस्याएं रखी। इसी दौरान एक किसान ने एसडीएम को कहा, साहब मेरे पास 50 किलो धान लेकर आने का मैसेज आया है, समझ नहीं आरया बाइक ते लेकर आवां या ट्रॉली ते। इसके बाद एसडीएम ने ई-खरीद केंद्र में बैठे मार्केट कमेटी के कर्मचारियों के पास पहुंचे, पोर्टल में आ रही परेशानियों बारे स्टाफ से जानकारी जुटाई। साथ ही इसे नोट कर साथ ले गए।

अधिकतर आढ़तियों को नहीं मिली लॉगिन-आईडी, कैसे कटे जे व आई फार्म

सुबह जहां 40 क्विंटल से अधिक का गेट पास नहीं कट रहा था, दोपहर बाद गेट पास को लेकर यह खामी दुरुस्त हो पाई। वहीं पोर्टल की लॉगिन-आईडी व पासवर्ड कुछ आढ़तियों के पास तो पहुंचे, लेकिन कइयों को लॉगिन आईडी व पासवर्ड संबंधी कोई मैसेज नहीं आया। इसके अलावा साफ्टवेयर में ऑक्शन रिकॉर्डर की आईडी में थानेसर मंंडी का ऑप्शन ही नहीं आ रहा था। प्रधान कृष्ण किरमिच, महासचिव राजबीर सिंह, चेयरमैन बनी सिंह व ग्रेन मार्केट आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुशील सिंगला ने कहा धान खरीद को मखौल सरकार ने बना दिया है। व्यापारी नेताओं ने कहा गेटपास काटने का क्या लाभ है, जब न कोई खरीदार है और न ही कोई उठाने वाला है। वहीं अधिकतर आढ़तियों के पास लॉगिन-आईडी व पासवर्ड ही नहीं पहुंचे। जिससे जे फार्म व आई फार्म ही जनरेट नहीं हुए। बिना रिकॉर्ड के धान की खरीद कैसे हो सकती है।