कब मिलेगी कोरोना संकट से मुक्ति ?: क्या कहता है ज्योतिष

आज समूचा विश्व कोरोना वायरस नामक महामारी से भयाक्रांत है। विश्व की बड़ी आबादी आज कोरोना से संक्रमित है। जो स्वस्थ हैं उन्हें अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के अनुसार अभी तक इस बीमारी का कोई कारगर समाधान नहीं खोजा जा सका है।भारत समेत विश्व के अनेक देश कोरोना को महामारी घोषित कर चुके हैं। स्वयं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इसे वैश्विक महामारी की श्रेणी में रखा है। आज हर कोई जानना चाहता है मानवजाति इस महामारी के संकट से कब मुक्त होगी। इसके लिए वह चिकित्सा एवं ज्योतिष की ओर प्रश्नवाचक निगाहों से देख रहा है। ज्योतिष से संबंधित होने के कारण हमारे पास भी इस प्रश्न को लेकर कई जिज्ञासाएं आईं। आइए ज्योतिष शास्त्र की प्रश्न कुंडली की व्यवस्था को आधार बनाकर हम इस प्रश्न का समाधान खोजने का प्रयास करते हैं।प्रश्न लग्न स्थिर श्रेणी की है-कोरोना संबंधी प्रश्न की कुंडली सिंह लग्न की बनी है जो स्थिर श्रेणी की है। इसके परिणामस्वरूप यह अभी यथास्थिति का संकेत कर रहा है अर्थात् अभी जो वैश्विक स्थिति है उसमें बहुत अधिक परिवर्तन की उम्मीद नहीं है। स्थिर लग्न इसी घटनाक्रम के कुछ दिनों तक जारी रहने का संकेत कर रहा है।एकादशेश मित्रक्षेत्री किंतु राहु अधिष्ठित हैप्रश्न कुंडली का एकादशेश मित्रक्षेत्री होकर केन्द्रस्थ है। एकादशेश राहु अधिष्ठित राशि का स्वामी होकर लग्न को पीड़ित कर रहा है। लग्नेश स्वयं लग्नभंग योग बनाकर अष्टमस्थ है एवं लाभेश राहु से पीड़ित है, जो अत्यंत हानिकारक है। यह एक प्रतिकूल स्थिति है।विंशोत्तरी दशा--विशोंत्तरी दशा के अनुसार अभी जून तक कोई बड़ी राहत मिलती प्रतीत नहीं हो रही है। जून के बाद स्थिति में उत्तरोत्तर सुधार आएगा लेकिन पूर्णत: इस संकट से मुक्ति के लिए अभी विश्व को थोड़ी प्रतीक्षा करनी होगी।