करतारपुर: भारत ने पूर्व पीएम के लिए मांगी जेड प्लस सुरक्षा, पाकिस्तान ने किया खुली गाड़ी का इंतजाम

मनमोहन सिंह भारत ने करतापुर जाने वाले 550 लोगों के पहले जत्थे में शामिल पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के लिए पाकिस्तान से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मांगी है। जबकि पाकिस्तान ने इसके लिए बैटरी चालित खुली कार का इंतजाम किया है। ऐसे में पूर्व पीएम की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा हो गया है। बता दें कि खुफिया एजेंसियां पहले ही करतापुर में आतंकी हमले के इनपुट दे चुकी हैं।

दरअसल, सिखों के पहले गुरु गुरुनानक देव की 550वीं जयंती पर नौ नवंबर को पाकिस्तान के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारे तक जाने के लिए बनाए गए गलियारे का उद्घाटन होना है। भारत से वहां जाने के लिए 550 लोगों का पहला जत्था भी तैयार है। इस जत्थे में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह तक शामिल हैं। यह जत्था गुरुद्वारे तक करीब चार किलोमीटर पाकिस्तान के अंदर जाने वाला है।

इधर, भारत की ओर से वीआईपी जत्थे के लिए आतंकी हमले के इनपुट मिलने के बाद पाकिस्तान से कड़े सुरक्षा इंतजामों की मांग की गई है। साथ ही खुफिया इनपुट की जानकारी साझा की गई है।

पाक ने पूर्व पीएम के लिए किया यह इंतजाम

पाकिस्तान ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए बैटरी से चलने वाली और चारों तरफ से खुली कार का इंतजाम किया है। हालांकि यह पूर्व पीएम को भारत में मिली जेड प्लस श्रेणी के सुरक्षा इंतजामों के बराबर नहीं है। ऐसे में भारत ने पाक को अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने के लिए कहा है। साथ ही भारत जत्थे में शामिल लोगों के लिए सुरक्षा के विशेष बंदोबस्त के लिए भी कहा है।

यही नहीं भारत ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए अपनी एक टीम को पाकिस्तान में दाखिल होने देने की इजाजत भी मांगी है। हालांकि पाक ने अभी तक इसका कोई जवाब नहीं दिया है। साथ ही पाक ने पूरे कार्यकम्रों का ब्योरा भी नहीं दिया है।

..तो क्या अपने जोखिम पर करतारपुर जाएगा जत्था

भारतीय जत्थे के करतारपुर जाने को लेकर सवाल खड़ा हो गया है कि जताई गई आशंकाओं के बाद भी पाकिस्तान सहयोगात्मक रवैया नहीं दिखाता है तो क्या भारतीय जत्था अपने जोखिम पर करतारपुर जाएगा। क्योंकि जत्थे में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, हरसिमरत कौर बादल, शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल और 150 सांसद भी शामिल हैं। 

सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तान में सिख्स फॉर जस्टिस जैसे खालिस्तानी समूहों और लश्कर ए तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के कारण भारत सरकार अपने पहले जत्थे की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। बता दें कि भारत के सौ दूतावासों ने गुरु नानक जयंती पर कई आयोजन कराए हैं। करीब 90 देशों के प्रतिनिधियों को भारत भी बुलाया गया है।

पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी बायोमीट्रिक पहचान प्रक्रिया से गुजरेंगे

भारत से पाकिस्तान के करतारपुर जाने वाले श्रद्धालु बिना बायोमेट्रिक पहचान के वापस नहीं लौट सकेंगे। इसके लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी व्यवस्था भी की है, ताकि जो यात्री जा रहे हैं, सिर्फ वही भारत लौटकर आएं। यहां तक कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भी इसी प्रक्रिया से गुजरेंगे। 

बता दें कि हाल ही में इमरान खान ने एक ट्वीट कर कहा था कि करतारपुर जाने के लिए किसी पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ वैध पहचान पत्र ही काफी रहेगा, लेकिन दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार पासपोर्ट जरूरी है। ऐसे में केंद्र सरकार ने पाकिस्तान से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां पासपोर्ट से छूट देने को आतंकियों की घुसपैठ में मदद के नजरिए से भी देख रही हैं।

गलियारा खुलवाने में पाक सेना का हाथ

सूत्रों के हवाले से दी गई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, करतारपुर गलियारे को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने नहीं, बल्कि वहां की सेना ने खुलवाया है। इसके पीछे उसका मकसद भारत में अलगाववाद को बढ़ावा देना है। गलियारे को लेकर 1999 में कवायद शुरू हुई थी, लेकिन पाकिस्तान पूरी तरह सहमत नहीं था। हालांकि अगस्त 2018 में इमरान खान के प्रधानमंत्री बनने पर मंजूरी दे दी गई।