किन्नरों की शव यात्रा चार कन्धों पर नहीं बल्कि ऐसे निकाली जाती हैं!

ऐसा मानना है कि किन्नरों के पास आध्यात्मिक शक्तियां होती हैं। और यह भी बताया गया है कि अगर किसी किन्नर की मृत्यु हो रही हो और उस समय कोई आम आदमी जाकर उनसे आशीर्वाद ले तो वह बहुत ज्यादा असरदार होती है। क्योंकि उनके आशीर्वाद और बदुआ में बहुत शक्ति होती है।

क्योंकि किन्नरों को अपनी मृत्यु का समय पता चल जाता है और इसलिए वह है घर से बाहर जाना आना बंद कर देते हैं तथा खाना भी बंद करते हैं और सिर्फ पानी ही पीते हैं। आप इस चीज को एक तरह का तपस्या भी कह सकते हैं क्योंकि वह ऐसा करके ईश्वर को बोलते हैं अगले जन्म में हम लोग किन्नर का जन्म ना मिले।

और ऐसा माना जाता है कि जो किसी के ने की मृत्यु हो जाती है तो सभी अधिकारियों को बता दिया जाता है कि यह जानकारी गुप्त रखी जाए और किसी को भी पता ना चले वह किन्नर के शव को रात को लेकर निकलते हैं और जलाते नहीं है दफनाते हैं ताकि किसी को भी पता ना चले।

यह बताया जाता है कि अगर किसी ने किना के मृत्यु के समय उसके शव को अंतिम यात्रा पर ले जाते हुए किसी ने देख लिया तो वह किन्नर दोबारा अगले जन्म में फिर से किन्नर बन जाता है इसलिए वह बहुत सावधानी से चुपचाप किसी किन्नर का सब दफना देते हैं।

हैरान कर देने वाली बात यह है कि कई लोगो का मानना है उन्हें चार कंधों पर लेटा कर नहीं ले जाया जाता जैसे हमारे हिंदू धर्म में किसी को चार कंधे पर ले जा जाता है उसे चार लोग पकड़ते तो है मगर उन्हें लिटा कर नहीं बल्कि खड़ा कर कर ही ले जाते हैं।