केवल 15 वर्ष की उम्र में बच्ची बन गयी माँ, फिर 18 वर्ष की हुई तो घटी ये अजीबोगरीब घटना.. जानकर उड़ जायंगे आपके होश

खबर के मुताबिक पता चला की ये पूरा मामला था धोलपुर के पास के एक गाँव कोलारी का। जहाँ वर्ष 2014 में सचिन नामक 19 वर्षीय लड़के को अनु नामक 15 वर्षीय से प्यार हो गया था। दोनों को पता ही नहीं चला कि कब उनकी दोस्ती प्यार में बदल गयी थी। वह दोनों एक दुसरे से शादी करना चाहते थे। किन्तु लड़की नाबालिग थी इसलिए दोनों की शादी होना संभव नहीं था। लड़की ने अपने घरवालो को जब सचिन के विषय में बताया तो उन्होंने उसका विरोध किया। जिसके बाद दोनों घर से भाग गये।

ऐसे हुआ विवाह

जब घरवाले नही माने तो दोनों घर से गायब हो गये। जिसके पश्चात लड़की के घरवालो ने लड़के के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज़ करवा दी। जब पुलिस के हाथ दोनों लगे तब लड़की सात महीने की गर्भवती थी। इसके पश्चात लड़के को जेल में भेज दिया गया और लड़की को पुलिस की निगरानी में रखा गया। फिर अब जब लड़के को रिहा किया गया तो दोनों फिर से मिलने लग गये। दोनों के प्यार में तीन सालों में कोई कमी नही आई। जिसके बाद पुलिस ने इन दोनों की शादी करवा दी।
शादी में थी अनु की अपनी बच्ची भी शामिल

बाल कल्याण समिति धौलपुर के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह परमार ने बताया कि दोनों का हाल ही में आर्या समाज के रीति रिवाजों के साथ शादी करवा दिया गया। तथा उनको सर्टिफिकेट भी उसी दिन दे दिया गया था। इसके अलावा उन्होंने बताया कि दोनों के विवाह में उनकी ढाई साल की बच्ची भी शामिल थी। जो कि उनके घर से भागने के बाद ही अनु की कोख में आ गयी थी। ऐसे में उस मासूम बच्ची का कोई दोष नहीं था। उसको दोनों माँ बाप का प्यार मिलना चाहिए था इस लिए इस शादी को मंजूरी दे दी गयी।

कानून की सहमति से की गयी शादी

विवाह में मौजूद राकेश तिवाड़ी ने कहा कि दोनों माँ बाप अब बालिग हो गये थे। इसके लिए कानून की तरफ से उनकी शादी को कोई मनाही नही की जा सकती थी। दोनों अब समझदार थे और अपनी बेटी को पाल सकते थे। इसमे एक बच्ची को माँ बाप से दूर करना पुलिस और कानून सम्मति के लिए बहुत बड़ा अपराध था। शिशु का जन्म सिद्ध अधिकार है अपने माँ बाप के साथ जीना।