कोच की हुंकार- हमारे गेंदबाजों को मनमाफिक पिचें नहीं चाहिए, वे कहीं भी विकेट ले सकते हैं

कोच की हुंकार- हमारे गेंदबाजों को मनमाफिक पिचें नहीं चाहिए, वे कहीं भी विकेट ले सकते हैं

India vs South Africa: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुरुवार से पुणे में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है. 

पुणे: दुनिया में जब भी क्रिकेट की बात आती है तो भारतीय बल्लेबाजी का जिक्र जरूर होता है. भारत बरसों से दुनिया को दिग्गज बल्लेबाज देता रहा है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी भी भारत की बड़ी ताकत बनकर उभरी है. भारतीय टीम (Team India) ने डेढ़ साल के भीतर दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज में टेस्ट मैच जीते. इसकी बड़ी वजह भारतीय गेंदबाजी ही रही है. गेंदबाजी कोच भरत अरुण (Bharat Arun) कहते हैं कि भारतीय टीम में मौजूद सभी तेज गेंदबाज रिवर्स स्विंग कराने का माद्दा रखते हैं. भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुरुवार से पुणे में दूसरा टेस्ट (Pune Test) मैच खेला जाना है.

भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ (India vs South Africa) दूसरे टेस्ट मैच से दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने कहा, ‘दक्षिण अफ्रीका ने पहले टेस्ट की पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी की. दूसरी पारी में मोहम्मद शमी की गेंदबाजी को मदद मिली और फिर उन्होंने दमदार स्पेल किया.’ मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विशाखापत्तनम में खेले गए पहले टेस्ट मैच की दूसरी में पांच विकेट लिए थे. मेजबान भारत ने यह मुकाबला 203 रन से जीता था.

भरत अरुण ने कहा, ‘अगर आप देखेंगे कि कैसे डेन ने नौवें और आखिरी विकेट के लिए बल्लेबाजी की. यह उनके जुझारूपन को दर्शाता है. शमी ने दमदार स्पेल किया, जो हमें मैच में वापस ले आया, नहीं तो परिस्थितियों को देखते हुए मुकाबला मुश्किल हो सकता था. हमें पता था कि हमें नतीजा पाने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी. उस तरह के विकेट पर संयम रखना पड़ता है.’

भारतीय गेंदबाजी कोच ने यह भी कहा कि घरेलू क्रिकेट ने तेज गेंदबाजों को बेहतर होने में बहुत मदद की है. अरुण ने कहा, ‘हमारे गेंदबाज रिवर्स स्विंग में अच्छे हैं, क्योंकि जब वे घरेलू क्रिकेट खेलते हैं तो विकेट सपाट होती है. आउटफील्ड भी उतनी बेहतरीन नहीं होती. ऐसी परिस्थिति में सफल होने के लिए उन्हें गेंद को रिवर्स स्विंग कराना आना चाहिए. ऐसे घरेलू मैच हमारे गेंदबाजों की बहुत मदद करते हैं.’

भरत अरुण ने कहा, ‘किसी भी पिच पर तेज गेंदबाजों के पास मौका होता है. बस शर्त है कि उनके पास जरूरी स्किल होनी चाहिए और हमारे गेंदबाजों ने पिछले कुछ वर्षो में घर पर और घर से बाहर बेहतरीन प्रदर्शन किया है. भारतीय पिचें कई बार स्पिन की सहायता करती हैं और ऐसे में वे रिवर्स स्विंग के लिए अधिक अनुकूल हो जाती हैं. हमारे सभी गेंदबाज रिवर्स स्विंग में काफी अच्छे हैं और यही कारण है कि हम इतने सफल हैं.’

भरत अरुण ने कहा कि उनकी टीम किसी एक प्रकार के पिच की मांग नहीं करती. उन्होंने कहा, ‘हम किसी एक प्रकार के पिच की मांग नहीं करते. हमारा लक्ष्य दुनिया की नंबर एक टीम बनना है और हमें जो भी विकेट मिलती है, हम उसे स्वीकार कर लेते हैं. यहां तक कि जब हम विदेश जाते हैं, तब भी हम विकेट को कम देखते हैं.’

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