खरमास खत्म होने के बाद भी विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं, जानें कब से बजेंगी शहनाई

5 जनवरी से गुरु अस्त होने की वजह से खरमास के बाद भी कोई मांगलिक कार्य नहीं होंगे। 12 फरवरी को पूर्व दिशा में गुरु उदय होंगे। वहीं 17 फरवरी को शुक्र अस्त होने की वजह से वैवाहिक कार्य 19 अप्रैल तक नहीं हो सकेंगे।

बहादुरगढ़ : खरमास की समाप्ति आज 14 जनवरी को हो रही है, लेकिन इसके बाद भी शादी विवाह को इस बार कोई शुभ मुहूर्त नहीं है। क्योंकि 15 जनवरी से गुरु अस्त होने की वजह से खरमास के बाद भी कोई मांगलिक कार्य नहीं होंगे।

पंडित शिव पाराशर ने बताया कि 12 फरवरी को पूर्व दिशा में गुरु उदय होंगे। वहीं 17 फरवरी को शुक्र अस्त होने की वजह से वैवाहिक कार्य 19 अप्रैल तक नहीं हो सकेंगे। इसी बीच 14 मार्च से 13 अप्रैल तक खरमास भी रहेगा। इसके बाद अप्रैल से लेकर जुलाई तक वैवाहिक लग्न है। इसके बाद 20 जुलाई को चार्तुमास शुरू हो जाने के कारण वैवाहिक लग्न नहीं है। फिर 15 नवंबर को प्रबोधिनी एकादशी से वैवाहिक लग्न की शुरुआत होगी। बता दें कि सनातन धर्म में विवाह के लिए गुरु और शुक्र तारे का उदित होना जरूरी है। गुरु का तारा अस्त होने के बाद 17 फरवरी को शुक्र का तारा भी अस्त हो जाएगा। शुक्र का तारा एक माह से ज्यादा समय के लिए अस्त रहेगा और 19 अप्रैल को उदय होगा। इसलिए 20 अप्रैल से वैवाहिक और मांगलिक कार्यों की शुरुआत होगी।