गहलोत की जादूगरी के आगे पायलट की क्रैश लैंडिंग, सीएम की बैठक में शामिल हुए 106 विधायक

Rajasthan Crisis: 106 MLAs Turn Up for Ashok Gehlot Show of Strength

नई दिल्ली: सचिन पायलट के बगावती रुख के बाद राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत की सरकार पर छाया सियासी संकट टल गया है. गहलोत द्वारा बुलाई गई विधायक दल की बैठक में 106 विधायक शामिल हुए. 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में बहुमत के लिए 101 विधायकों की जरूरत होती है. वर्तमान समय में अशोक गहलोत के पास पूर्ण बहुमत दिख रहा है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री ​अशोक गहलोत के निवास पर जयपुर में विधायक दल की बैठक के दौरान सीएम, रणदीप सिंह सुरजेवाला, अजय माकन और अन्य कांग्रेस नेता विक्ट्री का निशान दिखाते नजर आए. इस दौरान सीएम गहलोत काफी आश्वस्त नजर आए.

अब कांग्रेस में पायलट का भविष्य क्या होगा?

सूत्रों के हवाले से ये खबर आई है कि राहुल गांधी ने सचिन पायलट को मनाने की कोशिश की थी और दो दिन पहले तक राहुल गांधी और सचिन पायलट के बीच संपर्क हो रहा था, हालांकि सचिन पायलट को मनाने में राहुल गांधी सफल नहीं हुए. अब प्रियंका गांधी ने कमान संभाली है और राजनीतिक संकट सुलझाने की कोशिश कर रही हैं.

इससे पहले कल सचिन पायलट की तरफ से दावा किया गया था कि 30 विधायक उनके साथ हैं और अशोक गहलोत की सरकार अल्पमत में है. खबरें यह भी थी कि पायलट बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. कांग्रेस पार्टी की तरफ से व्हिप जारी होने के बावजूद पायलट और उनके समर्थक कुछ एमएलए, विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए, इसलिए पार्टी की तरफ से अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की भी काफी हद तक संभावना है.

पायलट के लिए कांग्रेस पार्टी के दरवाजे खुले हैं- सुरजेवाला

विधायक दल की बैठक से पहले कांग्रेस पार्टी की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई. इस दौरान रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ”कांग्रेस नेतृत्व ने पिछले 48 घंटे में सचिन पायलट से अनेकों बार वार्तालाव और चर्चा की है. व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा वाजिब हो सकती है लेकिन राजस्थान व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा से बड़ा है.”

सुरजेवाला ने कहा, ”कभी-कभी वैचारिक मतभेद उत्पन्न हो जाता है जो प्रजा​तांत्रित प्रणाली में स्वा​भाविक है. परन्तु वैचारिक मतभेद पैदा होने से चुनी हुई अपनी ही पार्टी की सरकार को कमजोर करना या बीजेपी को खरीद-फरोख्त का मौका देना अनुचित है.” उन्होंने कहा कि ”अगर कोई मतभेद है तो सचिन पायलट समेत सभी विधायकों के लिए कांग्रेस पार्टी के दरवाजे सदैव खुले थे, हैं और रहेंगे.”