चाचा का भतीजे पर तंज, प्रकृति का नियम है कि जब वृक्ष में फल लगते हैं, तो वह झुक जाते हैं

चाचा का भतीजे पर तंज, प्रकृति का नियम है कि जब वृक्ष में फल लगते हैं, तो वह झुक जाते हैं

इटावा. इटावा में एक वैवाहिक समारोह में भाग लेने आये प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रकृति का नियम है कि जब वृक्ष में फल लगते हैं, तो वह झुक जाते हैं, जबकि ठूंठ पेड़ों पर सिर्फ चील और कौए बैठते हैं.

उन्होंने कहा कि अहंकार से सबको बचना चाहिए. वो ना तो किसी के प्रतिद्धिन्दी हैं और न ही वो किसी को अपना प्रतिद्धिन्दी मानते हैं. उन्होंने कहा कि हम कोई नेता नहीं हैं. परिस्थितियों ने हमें अपना राजनैतिक दल बनाने के लिए मजबूर किया है. नेताजी मुलायमम सिंह जी का आशीर्वाद हमारे साथ रहा है. उनकी सीख और प्रेरणा ही हमारा रक्षाकवच है. नेताजी का जो भी सम्मान करेगा वह ईश्वर की कृपा से आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि शिवपाल सबके सहयोग से इतना गहरा गड्डा खोद देगा, जिसमें सबका पानी समा जाये. उन्होंने कहा कि सड़कों पर साम्प्रदायिकता वादी शक्तियों का विरोध और उनकी अमानुषिकता को बेनकाब सिर्फ प्रगतिशील समाज वादी पार्टी लोहिया कर रही है, जबकि छोटे मन के लोग सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं और ज्ञान देकर ट्वीट करके अपने कर्तव्यों की इतिश्री करने में व्यस्त हैं.

शिवपाल सिंह ने कहा कि मोदी और योगी सिर्फ घृणा और नफरत की खेती कर रहे हैं. यह दोनों भाजपाई नेता जुमलेबाज हैं, इनके मुखमंडल से असत्य के अलावा कुछ निकलता ही नहीं है. यादव ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने लक्ष्य को भेदने में सफल होता है, तब उसका उत्साहित होना स्वाभाविक होता है. उसके आत्म बल और विश्वास अप्रत्याशित रूप से बढ़ोत्तरी होती है. उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की फिरकापरस्त सरकार को परास्त करने का जो संकल्प लिया था और सभी धर्म निरिपेक्ष दलों को भगवा एजेंडे के खिलाफ एक झंडे तले खड़ा करने की इस मुहिम की शुरुआत की थी, उसमें अप्रत्याशित रूप से सफलता मिल रही है.

यादव ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि अब हमें छोटी लकीर को छेड़ना या मिटाना नहीं बल्कि ऐसी लकीरों के नीचे हमें अपनी लंबी लकीर खींचना है. यह हुनर और कला हमने नेताजी मुलायम सिंह से सीखी है. हमारी उन तमाम पार्टी के नेताओं से सीधी बातचीत हो रही है, जो ईमानदारी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को उत्तर प्रदेश में होने जा रहे 2022 के विधानसभा चुनाव में घूल चटाना चाहते हैं.