छत्तीसगढ़ की युवती के साथ दो युवकों ने रातभर किया गंदा काम… चाची को भी उठा ले गए

छत्तीसगढ़ की युवती के साथ दो युवकों ने रातभर किया गंदा काम... चाची को भी उठा ले गए...

अपनी चाची के साथ छत्तीसगढ़ से गुमला आई युवती को दो युवक जबरन अपने साथ उठा ले गए। और उसकी चाची के सामने ही रातभर गंदा काम किया। युवती इलाके की जानकारी नहीं रहने के चलते दूसरे लोगों से मदद मांगकर किसी तरह अपने घर पहुंची।

िवासी एक युवती के साथ सोमवार को गुमला में सामूहिक दुष्कर्म का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता सोमवार की शाम अपने परिजनों के गुमला महिला थाना पहुंच कर सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत दर्ज करायी है। महिला थाना प्रभारी प्रियंका तिर्की ने बताया कि दुष्कर्म का मामला आया है। लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञात हो कि पीड़िता अपने चाची के साथ गुमला आई थी। पीड़िता के अनुसार उसकी चाची ने फोन कर घाघरा के एक युवक को बुलाया। इसके बाद उस युवक ने दो अन्य युवकों को बुुलाया। फिर दोनों युवकों को उसके पास छोड़कर उसकी चाची पहले आए युवक के साथ कहीं चली गई। इधर दोनों युवक उसे अपने साथ ले गए और बारी बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। वह गुमला के लिए नई है जिस कारण उसे क्षेत्र की जानकारी नहीं है।

सात साल पहले रेलवे स्टेशन में बिछड़े पांच भाई बहन लाए गए गुमला

बात सात साल पहले कि है जब राॅबी तिर्की ने अपने पत्नी और पांच बच्चों को अपने कार्य क्षेत्र असम से गुमला के रायडीह अपना पैतृक घर दिखाने ला रहा था। एक स्टेशन में उसकी मां बिछुड़ गई तो रांची स्टेशन में उन लोगों से उनका पिता भी बिछुड़ गए। रॉबी के पांच बच्चों में से सबसे बड़ी बेटी उस समय सात वर्ष की थी जिसे सिर्फ अपनी मां और पिता का नाम मालूम है। अन्य बच्चे तो छोटे थे इसलिए उन्हें कुछ भी मालूम नहीं है।

पिता उसका असम में पुल निर्माण कार्य में मिस्त्री का काम करते थे लेकिन असम में कहां रहते थे और गुमला में उनका कहां घर है और अभी उन लोगों का कौन है यह भी उन्हें जानकारी नहीं है। कहती है कि उनके पिता मां और उन लोगों को गुमला का घर दिखाने के लिए ला रहे थे। खूंटी के सहयोग विलेज में रही सात सालमाता पिता से बिछड़े बच्चे खूंटी बाल कल्याण समिति के संरक्षण में सात साल तक सहयोग विलेज खूंटी में रही।

अपने माता पिता से दूर इन पांचों भाई बहन का लालन पालन खूंटी के सहयोग विलेज में हुआ। वहां बच्चों को उनके उम्र के अनुरूप विद्यालय से भी जोड़ा गया था। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी ने बताया कि खूंटी सहयोग विलेज में गुमला के एक ही परिवार के पांच बच्चे बच्चियों की होने की उन्हें जानकारी मिली। पता सत्यापन के बाद खूंटी सीडब्ल्यूसी से तीन बच्चियां और दो बच्चे को सोमवर को गुमला बाल कल्याण समिति में लाया गया है।

फिलहाल पांचों बच्चे बाल कल्याण समिति गुुमला के संरक्षण में रहेंगे। तीन बच्चियों को ज्ञानाश्रय बालगृह में रखा जाएगा और दोनों बच्चा को खुशमारना बालगृह में रखा जाएगा। बाल संरक्षण पदाधिकारी से मिले पता का सत्यापन कर बच्चों के पिता को बुलाया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।