जब मनुष्य पर किया गया था अब तक का सबसे खतरनाक प्रयोग, जिसे सोच कर अब भी रूह कांप जाएगी

1940 में रूसी सेना द्वारा किए गए इस भयानक प्रयोग को 1940 में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान किया गया था। कुछ जर्मन सैनिकों को गिरफ्तार किया और यह प्रयोग उन्ही पर किया गया था।
दोस्तो रूसी वैज्ञानिकों ने उन सैनिकों पर एक अनूठा प्रयोग करने की योजना बनाई। इस प्रयोग से, वैज्ञानिक यह जानना चाहते थे कि कोई इंसान कितनी देर तक बिना सोए रह सकता है दोस्तो प्रयोग के दौरान उन्हें एक कक्ष में बंद कर दिया गया और उस कक्ष के अंदर कुछ अजीब गैस छोड़ी गई। उन पर नजर रखने के लिए दीवारों में कांच लगाए गए क्योंकि तब कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं थे।
दो से तीन दिनों तक, उस कमरे के सभी सैनिक बाहर आने के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन एक हफ्ते के बाद, उस कमरे की आवाजाही बंद हो गई, वैज्ञानिकों ने सोचा कि वे सभी मर गए होंगे।
दोस्तो लेकिन जब कुछ दिनों बाद जब चैंबर खोला गया, तो कमरे के अंदर के सैनिकों ने अपना मांस खाना शुरू कर दिया था और केवल हड्डियों को हाथों और पैरों में छोड़ दिया गया था और बहुत अजीब हरकतें कर रहे थे। वे सभी प्रार्थना कर रहे थे कि उन्हें मुक्त न किया जाए और उन्हें इस कमरे में ही रखा जाए। शायद यह सब उस गैस की वजह से था। यह दृश्य भयानक था, लेकिन यह प्रयोग कई दिनों तक जारी रहा।