जब विश्व में थी 1 छक्का लगाने पर 6,000 के इनाम की स्कीम, इस भारतीय ने उठाया था भरपूर फायदा

आजकल के मैचों में खूब छक्कों की बौछार होती है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब खिलाड़ी धीमी बल्लेबाजी किया करते थे.

ऐसे में खिलाड़ियों के उत्साह को बढ़ाने के लिए छक्का लगाने पर अलग से इनाम की घोषणा की जाती थी. एक ऐसा ही दिलचस्प वाक्या आज हम आपको सुनाने जा रहे है.

दरअसल, 1987 का विश्व कप, (आधिकारिक तौर पर रिलायंस विश्व कप) क्रिकेट विश्व कप का चौथा संस्करण था और यह भारत और पाकिस्तान में 8 अक्टूबर- 8 नवंबर 1987 में आयोजित किया गया था।

भारत की मशहूर कंपनी रिलायंस इस विश्व कप की होस्ट थी और इसमे आठ टीमो ने भाग लिया था।

प्रत्येक मैच 50 ओवर प्रति टीम का था और पारंपरिक सफेद कपड़ों में और लाल गेंदों के साथ खेली गया था और सारे मैच दिन के दौरान खेले गए थे।

टूर्नामेंट का फाइनल ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच था, और ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को इडेन गार्डेंस में खेले गए फाइनल में 7 रन से पराजित कर अपना पहला क्रिकेट विश्व कप जीता।

लेकिन इस पूरे विश्व कप में जो सबसे दिलचस्प बात थी वो यह कि रिलांयस ने इस विश्व कप में भारतीय खिलाड़ियों में जोश भरने के लिए एक छक्का लगाने पर 6,000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी.

जिसके बाद भारतीय टीम के बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू ने इस स्कीम का सबसे ज्यादा फायदा उठाया था.

नवजोत सिंह सिद्धू को इस विश्व कप के ज़रिए अपना वनडे डेब्यू करने का मौका मिला था जिसके बाद उन्होंने अपने पहले ही मैच में 5 जोरदार छक्के जड़ डाले थे.

पहले मैच में 5 छक्के जड़ने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने दूसरे मैच में 4 छक्के जड़ डाले थे.

1987 के विश्व कप में नवजोत सिंह सिद्धू को भारत की ओर से ज्यादा पारियां खेलने का मौका नहीं मिल सका था फिर भी उन्होंने छक्कों की बौछार के साथ 4 अर्धशतक बना डाले थे.

आपको बता दें कि नवजोत सिंह सिद्धू इस विश्व कप से पहले खराब बल्लेबाजी के कारण टीम इंडिया से बाहर हो चुके थे लेकिन विश्व कप में उन्होंने हैरान करने वाला प्रदर्शन किया था.

25 साल से अटूट है सिद्धू का यह रिकॉर्ड

सिद्धू ने अपने क्रिकेट करियर में ऐसे कई रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्हें आज तक कोई भारतीय खिलाड़ी नहीं तोड़ पाया.

बता दें कि सिद्धू भारत की तरफ से एक पारी में सर्वाधिक छक्के जड़ने के मामले में आज भी नंबर 1 हैं.

नवजोत सिंह सिद्धू ने यह कारनामा साल 1994 में श्रीलंका के खिलाफ लखनऊ में कर दिखाया था. उन्होंने एक टेस्ट पारी में 8 छक्के जड़े थे. 

सिद्धू के बाद इस लिस्ट में 7 छक्कों के साथ हार्दिक पांड्या, वीरेंद्र सहवाग और हरभजन सिंह हैं.

हार्दिक पांड्या ने 2017 में श्री लंका के खिलाफ, सहवाग ने साल 2009 में श्रीलंका के खिलाफ और हरभजन सिंह ने साल 2010 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 7 छक्के जड़ इस कारनामे को अंजाम दिया था.

स्पिन गेंदबाजों के दुश्मन थे सिद्धू

नवजोत सिंह सिद्धू क्रिकेट में रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह के खेल में माहिर है।

वे अपने खेल से गेंदबाजों को चौंका देते थे। वे तीन गेंद को डिफेंड करते तो अगली गेंद को सीमारेखा से बाहर भेज देते।

श्रीलंका के खिलाफ 1992-93 में 224 गेंदों में खेली गई 123 रन की पारी इसका उदाहरण है।

इस पारी में उन्होंने आठ छक्के और नौ चौके लगाए यानि 84 रन बाउंड्री से बनाए और बाकी के 40 रन बनाने के लिए 206 गेंद खेली।

सिद्धू ने 51 टेस्ट में 42.13 की औसत से 3202 रन बनाए जिसमें नौ शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं।

वनडे में 136 मैच खेले और 4413 रन बनाए। वनडे में उन्होंने छह शतक और 33 अर्धशतक लगाए।