जिस मनुष्य के पास केवल पैसा है उस मनुष्य से ज्यादा गरीब दुनिया में कोई नहीं है

जिनके पास पैसे चार उनके दुश्मन बनते यार जिनके पास कुछ नहीं उनको अपने भी देते मार।

दिन की शुरुआत में हमें लगता है की जिन्दगी में

पैसा बहुत जरुरी है पर दिन ढलने पर समझ आता है की जिन्दगी में शांति अधिक जरुरी है।

धन के मद में मतवाला मनुष्य गिरे बिना होश में नहीं आता।

सिक्के हमेशा आवाज करते है पर नोट खामोश रहते है इसलिए जब आपकी कीमत बढे

तो शांत रहिये क्योंकि हैसियत का शोर मचाने का जिम्मा आप से कम कीमत वालों का है।

मजाक और पैसा काफी सोच समझ कर उडाना चाहिए.

रूपया कितना भी गिर जाए इतना कभी नहीं गिर पायेगा जितना रुपये के लिए इंसान गिर चुका है।

गरीब वह नहीं है जिसके पास धन कम है बल्कि धनवान होते हुए भी जिसकी इच्छा कम नहीं हुई है वह सबसे गरीब है।

जिस मनुष्य के पास केवल पैसा है उस मनुष्य से ज्यादा गरीब दुनिया में कोई नहीं है।