ज्यादा दिनों का मेहमान नहीं है कोरोना

पटरी पर लौटने लगी है जिंदगी

 भले ही भारत समेत दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही हो लेकिन लोगों की उम्मीद मजबूत हुई है कि अब यह महामारी ज्यादा दिनों की मेहमान नहीं है। सरकार की तरफ से अनलॉक-4 की घोषणा के बाद ज्यादातर दफ्तर, संस्थान व प्रतिष्ठान खुल गए हैं।
पांच महीने पहले कोरोना के कारण गांव-घर का रुख करने वाले वाले प्रवासी कामगार काम पर लौटने लगे हैं। मांग बढऩे के कारण अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन करना पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की खपत बढ़ी है और अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही है। जिंंदगी अब पटरी पर लौटने लगी है।

काम पर लौटने लगे प्रवासी
उद्योग-धंधों में कामकाज की शुरुआत के साथ ही प्रवासी कामगार लौटने लगे हैं। आलम यह है कि भुवनेश्वर-अहमदाबाद साप्ताहिक ट्रेन में 23 सितंबर तक कोई जगह नहीं है। विशाखापत्तनम से कोरबा, गुवाहाटी,बेंगलुरु,हावड़ा व तिरुचिरापल्ली जाने वालों की भीड़ को देखते हुए विशेष ट्रेन चलाई गई। बिहार व उत्तर प्रदेश से दिल्ली, मुंबई,गुजरात व अन्य औद्योगिक शहरों के लिए चलाई जाने वाली ट्रेनें फुल जा रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे फिलहाल 310 स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर रहा है। ट्रेनों में बढ़ रही भीड़ व यात्रियों की मांग को देखते हुए रेलवे ने 21 सितंबर से 40 स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की। खास बात यह है कि इनमें से 24 ट्रेनें बिहार से रवाना होकर दिल्ली,अहमदाबाद, सूरत,बेंगलुरु, सिकंदराबाद व अमृतसर जाएंगी जबकि एक जोड़ी ट्रेनें वाराणसी व बलिया से रवाना होंगी।

रफ्तार भरती अर्थव्यवस्था
सितंबर के पहले पखवाड़े में अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकडऩी शुरू कर दी है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष सितंबर के शुरुआती सात दिनों में 6.12 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात किया गया जो पिछले वर्ष समान अवधि के मुकाबले 13.35 फीसद अधिक है। 8-14 सितंबर के दौरान 6.88 अरब डॉलर का निर्यात हुआ।

विशाल और घनी आबादी वाला देश भारत कोविड-19 से मजबूती से मुकाबला कर रहा है। देश में संक्रमण की दर रूस, अमेरिका और स्पेन के बाद सबसे कम है। प्रति सौ लोगों का टेस्ट कराने पर भारत में सिर्फ 8.50 लोग संक्रमित पाए जाते हैं। रूस में यह दर 2.58, स्पेन में 6.12 और अमेरिका में 7.19 है। भारत में रिकवरी रेट 79 से अधिक हो चुकी है। प्रति दस लाख पर मौतें भारत मेंं सबसे कम हैं।