टाटा नेक्सन ईवी भारत में 13.99 लाख रुपये की कीमत पर हुई लॉन्च: रेंज, फीचर्स, बैटरी, चार्जिंग जानकारी

टाटा नेक्सन ईवी को भारत में लॉन्च कर दिया गया है, कंपनी ने इसे बाजार में 13.99 लाख रुपये (एक्स शोरूम, दिल्ली) की कीमत पर उतारा है। टाटा नेक्सन ईवी की बुकिंग पहले ही शुरू की जा चुकी है।ग्राहक टाटा मोटर्स की वेबसाइट या डीलरशिप पर जाकर नेक्सन इलेक्ट्रिक एसयूवी की बुकिंग कर सकते है। टाटा नेक्सन ईवी को तीन वैरिएंट एक्सएम , एक्सजेड+ तथा एक्सजेड+ लक्स में लाया गया है तथा इसके टॉप वैरिएंट कीमत 15.99 लाख रुपये (एक्स शोरूम, दिल्ली) है।टाटा नेक्सन ईवी के डिजाइन की बात करें तो यह स्टैंडर्ड मॉडल के फेसलिफ्ट वर्जन से प्रेरित है, कंपनी ने इसके सामने हिस्से प्रोजेक्टर एलईडी हेडलैंप, फॉग लैंप, एलईडी डीआरएल दिए गए है।
पीछे भी एलईडी टेललैंप दिए गए है तथा कार में सभी हिस्सों पर इलेक्ट्रिक ब्लू एक्सेंट का उपयोग किया गया है, जो इसके इलेक्ट्रिक कार होने का अनुभव कराता है।इंटीरियर की बात करें तो, टाटा नेक्सन इलेक्ट्रिक एसयूवी में सेमी-डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 7 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट डिस्प्ले, क्लाइमेट कंट्रोल, कनेक्टेड तकनीक, लेदर स्टीयरिंग, पॉवर्ड सनरूफ दी गयी है। केबिन को ब्लैक व बेज रंग में रखा गया है तथा इलेक्ट्रिक ब्लू एक्सेंट यहां भी देखने मिलता है।कंपनी ने इसके कनक्टेड तकनीक को जीकनेक्ट नाम दिया है, इसके माध्यम से कई सिक्योरिटी फीचर्स, सबसे निकटम चार्जिंग स्टेशन की जानकारी, कार के हेल्थ की जानकारी प्राप्त कर सकते है।यह कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक मॉडल है जिसे जिपट्रॉन तकनीक के साथ लाया गया है। 32 किलोवाट ऑवर की लिथियम-आयन बैटरी लगाई गई है जिस वजह से 300 किलोमीटर की अधिकतम रेंज प्रदान करती है।टाटा मोटर्स का दावा है कि नेक्सन सिर्फ 9.9 सेकंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार पकड़ सकती है। इसे डीसी फास्ट चार्जर से एक घंटे में 80 प्रतिशत तक तथा सामान्य चार्जर से 8 – 9 घंटे में पूर्ण चार्ज किया जा सकता है।कंपनी ने टाटा नेक्सन ईवी को कुल 3 रंग विकल्प में उपलब्ध कराया है, जिसमें टील ब्लू, ग्लेशियर वाइट व मूनलिट सिल्वर शामिल है। टाटा मोटर्स जल्द ही इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की टेस्ट ड्राइव डीलरशिप पर शुरू कर सकता है।कंपनी ने इसकी बैटरी व मोटर में 8 साल की वारंटी उपलब्ध कराई है तथा वाहन में 3 साल/1.25 लाख किलोमीटर की वांरटी दी गयी है। इसके लिए भारत के 22 शहरों में 60 वर्कशॉप बनाये गये है।