डॉ प्रियंका रेड्डी के गुनहगारों ने दिया बयान, कहा मुंह बंद करने से हुई थी मौत।

प्रियंका रेड्डी के गुनहगारों ने पुलिस को अपना बयान दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने किस तरह उसको फंसाया और फिर उसको मार कर जला दिया।

देखिए गुनहगारों का पूरा बयान-

आरोपी ने बताया कि, बुधवार की शाम को चारों आरोपियों ने देखा कि, एक महिला टोल प्‍लाजा के पास स्‍कूटी खड़ी कर रही है। इसके बाद उन सभी आरोपियों ने महिला के साथ गैंगरेप की साजिश रची। जब महिला डॉक्‍टर कैब लेकर गचिबोवली गईं। तब वे किसी चारो वहीं पर थे। और जब रात करीब 9 बजे प्रियंका अपनी स्‍कूटी लेने के लिए वापस लौटीं। उस समय प्रियंका ने पाया कि उनकी स्‍कूटी के एक टायर में हवा नहीं है। पुलिस को दिये बयान में आरोपियों ने बताया कि साजिश के तहत स्‍कूटी से हवा निकाल दी थी। ये सब देख कर महिला डॉक्‍टर जहां परेशान हो गईं। वहीं आरोपी मोहम्‍मद आरिफ उनके पास मदद के बहाने गया। उनका एक साथी शिवा स्‍कूटी को ठीक कराने के बहाने कुछ दूर ले गया।

फिर महिला डॉक्‍टर को वो तीनों पास के ही एक खाली प्‍लॉट में ले गए, और वहां उनके साथ गैंगरेप किया। शिवा स्‍कूटी को कुछ दूर पर खड़ी करने के बाद वापिस लौटा और उसने भी महिला डॉक्‍टर के साथ रेप किया। गैंगरेप के दौरान प्रियंका ने चिल्लाना शुरू कर दिया। आरोपियों को लगा कि प्रियंका के चिल्लाने से वे पकड़े जा सकते हैं। इसी बीच मोहम्‍मद आरिफ ने महिला डॉक्‍टर का मुंह बंद कर दिया, ताकि उनकी आवाज बाहर न आ सके। और इसी दौरान सांस नहीं ले पाने के कारण महिला डॉक्‍टर की दम घुटने से मौत हो गई। चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा ने इस घटना को रात 9.35 से 10 बजे के बीच अंजाम दिया था। पुलिस ने बताया कि गैंगरेप के बाद आरोपी डॉक्‍टर के शव को एक ट्रक पर लादकर हाइवे पर कुछ आगे की ओर ले गए। फिर एक पेट्रोल पंप से पेट्रोल और डीजल खरीदा। आरोपियों ने बताया कि सुनसान जगह पाकर उन्होंने डॉक्‍टर के शव को फेंक दिया और फिर पेट्रोल छिड़कर उसमें आग लगा दी।

अगर पुलिस समय पर के कारवाही करती तो, शायद प्रियंका को जिंदा बचाया जा सकता था। समय पर कोई भी कारवाई नहीं करने के कारण तीन पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया है।