तंगधार और गुरेज सेक्टर में सेना की पोस्ट हिमस्खलन की चपेट में आईं; 4 जवान शहीद, 2 बचाए गए

प्रतीकात्मक फोटो।

पिछले महीने सियाचिन में एवलांच की2 अलग-अलग घटनाओं में 6 जवान शहीद हुए थेसर्दियों के मौसम में कश्मीर और लद्धाख में पहाड़ों परबर्फ दरकने का खतरा बना रहता है

श्रीनगर.उत्तरीकश्मीर में नियंत्रण रेखा के नजदीक मंगलवार को हुईं एवलांच (हिमस्खलन) की दो अलग-अलग घटनाओं में सेना के 4 जवान शहीद हो गए। कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर मेंएवलांच की चपेट में 4 जवान आ गए थे। इनमें से 3 जवान शहीद हो गए जबकि एक को बुधवार को बचा लिया गया। वहीं, दूसरी घटना बांदीपोरा जिले के गुरेज सेक्टर में हुई। यहां भी 2जवान फंसे हुए थे जिसमें एक शहीद हो गया जबकि दूसरे को बचा लिया गया।पिछले महीने सियाचिन में एवलांच की घटनाओं में 6 जवान शहीद हो चुके हैं। सर्दियों के मौसम में कश्मीर और लद्धाख में बर्फ दरकने का खतरा बना रहता है।

30 नवंबर को भी लद्दाख स्थित दक्षिणी सियाचिन ग्लेशियर में 18 हजार फीट की ऊंचाई पर सेना का गश्ती दल हिमस्खलन की चपेट मेंआया था। रेस्क्यू टीम ने ज्यादातर जवानों को सुरक्षित निकाल लिया था, लेकिनइलाज के दौरान नायब सूबेदार सेवांग ग्यालशन और राइफलमैन पदम नोरगैस ने दम तोड़ दिया था। इससे पहले 19 नवंबर को उत्तरी सियाचिन ग्लेशियर के पास हिमस्खलन में 4 जवान शहीद हो गए थे। दो आम नागरिकों की भी जान गई थी। करीब 20 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थितसियाचिन दुनिया का सबसे ऊंचा रणक्षेत्र है, जो लद्दाख का हिस्सा है।