दरोगा से थे अवैध संबंध, पति को रास्ते से हटाने के लिए महिला कॉन्स्टेबल ने बनाया प्लान!

आजमगढ़
अवैध संबंध को शादी के रिश्ते में बदलने के लिए पति की संपत्ति हड़पकर उसकी हत्या करने की साजिश का खुलासा हो गया है। पुलिस ने जांच में आरोप साबित होने पर महिला आरक्षी के साथ ही उसके प्रेमी दरोगा के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर ली है। महिला आरक्षी निलंबित कर दी गई है जबकि दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित एसपी को पत्र लिखने के साथ ही दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
बलिया जिले के रसड़ा थाना क्षेत्र के बर्रेबोझ गांव निवासी सन कुमार यूपी पुलिस का आरक्षी है। उसकी शादी वर्ष 2020 में ही महिला आरक्षी विकासलता सिंह से हुई थी। विकासलता सिंह इस समय डायल-112 में तैनात हैं। विकासलता का मिर्जापुर जिले के चुनार थाने पर तैनात दरोगा राम सूरत यादव से अवैध संबंध चल रहा है।

पिछले दिनों सन कुमार ने 23 जुलाई को पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी का राम सूरत से अवैध संबंध है। अवैध संबंध के बाद भी विकासलता ने साजिश के तहत उससे शादी की। शादी के कुछ दिन बाद ही उसने दबाव बनाकर धन की वसूली शुरू कर दी। यही नहीं दरोगा के कहने पर विकासलता ने पैतृक संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाया। मना करने पर 25 लाख रुपये की मांग करने लगी। जब उसे रुपये नहीं मिले तो दरोगा के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना तक बना डाली थी।

सन कुमार को इस बात की जानकारी भी नहीं होती अगर विकासलता के मोबाइल में दोनों की बातचीत रिकॉर्ड न होती। साक्ष्य के तौर पर सन कुमार ने ऑडियो भी पुलिस को सौंपा था। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सदर अकमल को मामले की जांच सौंपी थी। सीओ सदर की जांच में सन कुमार द्वारा लगाए गए सारे आरोप सही पाए गए। सीओ की रिपोर्ट पर एसपी ने गुरुवार देर शाम शहर कोतवाली में दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। साथ ही महिला आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। दरोगा के खिलाफ संबंधित एसपी को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।

पुलिस अधीक्षक प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि दरोगा और महिला आरक्षी ने जघन्य अपराध की साजिश रची थी। जांच में आरोप की पुष्टि हो चुकी है। महिला आरक्षी और दरोगा दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। महिला आरक्षी को निलंबित कर दिया गया है। वहीं दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए मिर्जापुर एसपी को भी पत्र लिखा गया है।