दर्दनाक: माँ की लापरवाही से गई 3 माह के बच्चे की जान

चित्रकूट जिले के गैदा पुरवा गांव के पहाड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह कच्चे घर में आग लगने से 3 महीने  के एक मासूम बच्चे की जान चली गई। उधर, महोबा जिले में दो दिनों से 7 वर्ष के बच्चे का शव पुलिस ने शनिवार को पानी भरे गड्ढे से बरामद किया है। जंहा पहाड़ी थाना के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) अवधेश कुमार मिश्रा ने कहा कि शनिवार सुबह करीब 9 बजे गैदा पुरवा गांव में शिवपूजन के कच्चे घर में आग लगने से उसके 3 महीने के बेटे नितिन की जान चली गई। शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया है।

अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने कहा कि अब तक की कार्रवाई में पता चला है कि बच्चे की मां गीता देवी ने ठंड से बचने के लिए अंगीठी (गोरसी) में आग जलाकर चारपाई के नीचे रख दी थी और चारपाई में बच्चे को लिटाकर घर के बाहर बैठ गयी थी। इसी बीच अंगीठी की आग पूरे घर में लग गयी। जंहा तयह भी कहा जा रहा है कि ग्रामीण सीढ़ी के द्वारा किसी तरह जल रहे घर के अंदर गए और बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी जान जा चुकी थी। वहीं SHO ने बताया कि केस की कार्रवाई की जा रही है और घटना की सूचना अधिकारियों को दे दी गयी है।

रिपोर्ट्स के अनुसार जिले के कबरई कस्बे में दो दिन से लापता 7 वर्ष  के बच्चे का शव पुलिस ने शनिवार को पानी भरे गड्ढे से बरामद किया है। जंहा इस बात का पता चला है कि शनिवार सुबह कबरई कस्बे के जवाहर नगर मुहल्ले में रहने वाले मूलचन्द्र वर्मा के 7 वर्ष के बेटे त्रिभुवन का शव पहाड़ की खोदाई से हुए गड्ढे में भरे पानी से बरामद कर पोस्टमॉर्टम करवाया जा चुका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है। अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने आगे कहा गुरूवार की शाम तकरीबन 5  बजे खेलते-खेलते बच्चा अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। आज कुछ लोगों ने शव पानी में तैरता देख पुलिस को सूचित किया। सीओ ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि बच्चा दौड़ने के दौरान गड्ढे में गिर गया होगा और डूबने से जान चली गई। जंहा उन्होंने कहा कि बच्चे के परिजन अपहरण कर हत्या का भी आरोप लगा रहे हैं, उनके आरोपों की जांच की जा रही है।