दिल्ली हिंसा में गृह मंत्रालय की रिपोर्ट देखकर उड़े सुरक्षा एजेंसियों के होश, दिल्ली को…

शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं 15 दिसंबर से धरने पर बैठी हैं। इन महिलाओं की मांग है कि सरकार नागरिकता संशोधन कानून को वापस ले। इस धरने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पीआईएल भी दायर की गई है जिसपर सर्वोच्च अदालत सोमवार को सुनवाई करेगी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने चार महीने के बच्चे की मौत के मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है। चार महीने के बच्चे को उसकी मां अपने साथ लेकर विरोध प्रदर्शन में गई थी। शाहीन बाग से लौटने के बाद इस मासूम की सोते समय मौत हो गई थी।
नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर हो रहा विरोध प्रदर्शन अब धीरे-धीरे उग्र होता जा रहा है। जानकारी के लिए बता दें दिल्ली में इस एक्ट के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने हिंसा करनी शुरू कर दी है। इतना ही नहीं इसमें से कुछ उपद्रवियों ने गोलियां भी चलाई। जिसमें एक हेड कांस्टेबल की मृत्यु भी हो गई है। वहीं डीसीपी और एसीपी दर्जे के अधिकारी इस झड़प में घायल हुए हैं।
आपको जानकर हैरानी होगी कि दिल्ली हिंसा को लेकर गृह मंत्रालय ने सक्रियता दिखाते हुए इसकी जांच तुरंत शुरू कर दी। शुरुआती जांच में जो रिपोर्ट आई है उसे देखकर सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ गए हैं। दरअसल जांच में स्पष्ट किया गया है कि प्रदर्शनकारी ट्रंप के भारत दौरे पर दिल्ली को जला देने की साजिश में थे तथा यह प्रदर्शनकारी जानबूझकर नागरिकता संशोधन एक्ट के विरोध का मुखौटा ओढ़कर आए थे। इनका मुख्य लक्ष्य अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारतीय दौरे को अव्यवस्थित करना था।गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप की पत्नी मेलानिया ट्रंप को दिल्ली के एक स्कूल में जाना था। लेकिन दिल्ली में हुई इतनी भयंकर हिंसा के बाद यह कार्य लगभग असंभव सा हो गया है। क्योंकि हिंसा को देखते हुए दिल्ली के सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया है। हालांकि गृह मंत्रालय की पहली रिपोर्ट देखकर किसी को भी यकीन नहीं हो रहा है कि प्रदर्शनकारियों का लक्ष्य पूरी दिल्ली को जला देने का था।