दुनिया की बड़ी खबर: कोरोना मरीज का इटली ने किया पोस्टमार्टम, बड़ा हुआ खुला

 इटली विश्व का पहला देश बन गया है जिसनें एक कोविड-19 से मृत शरीर पर अटोप्सी (पोस्टमार्टम) किया और एक व्यापक जाँच करने के बाद पता लगाया है कि वायरस के रूप में कोविड-19 मौजूद नहीं है, बल्कि यह सब एक बहुत बड़ा ग्लोबल घोटाला है। लोग असल में ऐमप्लीफाईड ग्लोबल 5 प्रतिशत इलैक्ट्रोमैगनेटिक रेडिएशन के कारण मर रहे हैं।

यह एक खबर वायरल हो रही है, जिसमें कहा जा रहा है कि इटली के डॉक्टरों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के कानून का उल्लंघन किया है,जो कि करोना वायरस से मरने वाले लोगों के मृत शरीर पर आटोप्सी (पोस्टमार्टम) करने की आज्ञा नहीं देता ताकि किसी तरह की वैज्ञानिक खोज व पड़ताल के बाद ये पता ना लगाया जा सके कि यह एक वायरस नहीं है,बल्कि एक बैक्टीरिया है जो मौत का कारण बनता है, जिस की वजह से नसों में खून की गाँठें बन जाती हैं यानि इस बैक्टीरिया के कारण खून नसों व नाडिय़ों में जम जाता है और यही मरीज की मौत का कारण बन जाता है।

वायरल खबर के अनुसार इटली ने इस वायरस को हराया है,ओर कहा है कि फैलीआ-इंट्रावासकूलर कोगूलेशन (थ्रोम्बोसिस) के इलावा और कुछ नहीं है और इस का मुकाबला करने का तरीका आर्थात इलाज यह बताया है..

ऐंटीबायोटिकस, ऐंटी-इंनफ्लेमटरी और ऐंटीकोआगूलैटस को लेने से यह ठीक हो जाता है।

ओर यह संकेत करते हुए कि इस बीमारी का इलाज सम्भव है ,विश्व के लिए यह संनसनीखेज खबर इटालियन डाक्टरों द्वारा कोविड-19 वायरस से मृत लाशों की आटोप्सीज (पोस्टमार्टम) कर तैयार की गई है। कुछ और इतालवी वैज्ञानिकों के अनुसार वेन्टीलेटर्स और इंसैसिव केयर यूनिट की कभी जरूरत ही नहीं थी। इस के लिए इटली में अब नए शीरे से प्रोटोकॉल जारी किए गए है ।