नहीं पड़ेगी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने की जरूरत, ये कंपनी ला रही बैटरी स्वैपिंग सर्विस

नहीं पड़ेगी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करने की जरूरत, ये कंपनी ला रही बैटरी स्वैपिंग सर्विस
ये कंपनी शुरू करेगी बैटरी स्वैपिंग सर्विस

इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग की दिक्कत से निपटने के लिए अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम अपने कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंप पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा है जिससे बैटरी को बार-बार चार्ज करने की झंझट पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने में आज भी लोग कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं और इसके पीछे की वजह है इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी को चार्ज करने में लगने वाला समय। जी हां किसी भी इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने में 3 से 4 घंटे का समय लगता ही है, नतीजतन आपको अपनी कार बार-बार इस्तेमाल करने के लिए ब्रेक लेना पड़ेगा साथ ही भारत में इलेक्ट्रिक कारों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर भी नहीं है जिसकी वजह से बीच रास्ते में कार को चार्ज कर पाना सम्भव नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसी दिक्क्त से निपटने के लिए अब हिंदुस्तान पेट्रोलियम अपने कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंप पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन बनाने की तैयारी कर रहा है जिससे बैटरी को बार-बार चार्ज करने की झंझट पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

भारत में मौजूद अपने पेट्रोल पम्पों में इस सर्विस को शुरू करने के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने वोल्ट अप बैटरी स्वैपिंग सॉल्यूशंस के साथ हाथ मिलाया है। इस कंपनी की मदद से ही पेट्रोल पंप पर बैटरी स्वैपिंग की सुविधा शुरू की जाएगी जिससे न सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड बढ़ाने में मदद मिलेगी बल्कि इससे लोगों के लिए इलेक्ट्रिक कार चलाना और भी आसान हो जाएगा। इस साझेदारी के तहत जयपुर में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो पेट्रोल स्टेशन पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन का संचालन किया जाएगा। आने वाले 6 महीनों में देश के 50 शहरों में ये बैटरी स्वैपिंग स्टेशन शुरू किए जाएंगे।

क्या होती है बैटरी स्वैपिंग: दरससल किसी भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्ज करने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है, फ़ास्ट चार्जर की मदद से ये समय कम जरूर हो जाता है लेकिन फिर भी एक घंटे का समय लगता ही है, ऐसे में डिस्चार्ज बैटरी को बदलकर पहले से ही चार्ज बैटरी लगा देना ही बैटरी स्वैपिंग कहलाता है। ये प्रोसेस काफी आसान और कम खर्चीला है और इसमें आपका काफी समय बचता है जो सबसे जरूरी है। इस सर्विस में आपको कंपनी पहले से चार्ज बैटरी देती है और कार की डिस्चार्ज बैटरी को निकाल लेती है। ये प्रोसेस 2 से 5 मिनट का समय लेता है और आप आसानी से कम खर्च में कहीं भी अपनी इलेक्ट्रिक कार को ले जा सकते हैं।

क्या होगा फायदा: ग्राहक इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने से इसलिए बचते हैं क्योंकि इसे चार्ज करने में काफी समय बर्बाद होता है। हालांकि इस सर्विस के आने से ग्राहकों की ये दिक्क्त दूर हो जाएगी और इलेक्ट्रिक कारों की डिमांड बढ़ाई जा सकेगी। भारत में लोग इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहते हैं लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर ना होने की वजह से ऐसा नहीं करते हैं।

कुछ समय पहले इंडियन ऑयल कार्पोरेशन ने सन मोबिलिटी के साथ बैटरी स्वैपिंग स्टशनों के निर्माण के लिए हाथ मिलाया है। इसके साथ ही देश के कई शहरों में चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। नितिन गडकरी भी इससे पहले देश के सभी 69,000 पेट्रोल पंप पर एक चार्जिंग स्टेशन के निर्माण की जानकारी दे चुके हैं। इस सर्विस से भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में बढ़ोत्तरी लाने में मदद मिलेगी।