नाग पंचमी के दिन न करें ये काम, पूजा में इस बात का जरूर रखें ख्याल

सावन माह की शुक्ल पंचमी को नाग पंचमी (Nag Panchami 2020) के रूप में मनाया जाता है। पंचमी तिथि को नाग देवताओं की पूजा के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। भगवान शिव को सांपों का देवता माना जाता है। इसलिए नागपंचमी के दिन भूलकर भी जीवित सांप की नहीं बल्कि नागदेवता की प्रतिमा की पूजा करनी चाहिए।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन भगवान शिव के साथ नागदेव की अराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। लेकिन नागदेव की प्रमिता का पूजन मंदिर या घर में ही करना चाहिए। इसके अलावा जीवित सांप को दूध न पिलाकर प्रतिमा पर ही दूध अर्पित करना शुभ माना गया है। इसके पीछे का कारण है कि सांप मांसाहारी होते हैं. ये जीव दूध नहीं पीता है। सांप के लिए दूध जहर समान होता है। जिससे उसकी मृत्यु हो सकती है।

नागदेवता की पूजा के दौरान इस बात का रखें ध्यान-

नाग पूजा के दौरान हल्दी का खास तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए। धूप, बत्ती और पूजन साम्रगी अर्पित करने के बाद नाग देवता को मिठाई का भोग लगाना चाहिए। 

कालसर्प दोष से मुक्ति- 

इस साल नाग पंचमी का पर्व उत्तरा फाल्गुनी और हस्त नक्षत्र के प्रथम चरण के दुर्लभ योग में पड़ रहा है। इस योग में कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए पूजा का विधान शास्त्रों में बताया गया है। 

भूलकर भी न करें ये काम-

कहा जाता है कि इस दिन जमीन की खुदाई नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। इसके अलावा नागपंचमी के दिन धरती पर हल भी नहीं चलाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन सुई में धागा भी नहीं डालना चाहिए।  वहीं इस दिन आग पर तवा और लोहे की कढ़ाही चढ़ाना भी अशुभ माना गया है।