नीम के पत्ते से समाप्त हो जाएंगी कई बीमारियां, जल्दी पढ़ें

आयुर्वेद में नीम के तेल को बहुत गुणकारी माना जाता है| शरीर के कई रोगों और दिक्कतों में इसके इस्तेमाल से आराम मिलता है,यह तेल नीम के फल से निकले बीज से बनता है| नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं इसलिए यह कई तरह से फायदेमंद होते हैं| एक्जिमा से त्वचा पर सूजन और खुजली होने पर नीम का तेल राहत देता है।

यह कील मुंहासे और त्वचा के रोगों को भी दूर करता है,आग से जलने की वजह से त्वचा पर जख्म बन जाने पर नीम का तेल उपयोग करने से जख्म जल्दी ठीक हो जाता है|पेट संबंधी परेशानियों से निजात पाने में भी नीम बहुत लाभकारी होता है| पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए नीम के पत्ते के रस में शहद तथा काली मिर्च मिलाकर उसका सेवन करना चाहिए| नीम के पत्ते को सुखाकर उसे शक्कर के साथ खाने से दस्त में आराम मिलता है| बालों का रूखापन दूर करने में भी नीम का तेल एक अहम भूमिका निभाता है| नीम के तेल का नियमित उपयोग करने से बालों का रूखापन दूर हो जाता है|

अस्थमा के मरीजों को नीम के तेल से भाप लेना चाहिए इससे काफी आराम मिलता है| अगर आपके चेहरे पर कील-मुंहासे निकले हैं तो आप नीम की पत्तियों को पीस कर अपने चेहरे पर लेप लगा सकते हैं, जो आपके नाखून-मुँहासे को जड़ से खत्म कर देगा ।जिन लोगों को गंजेपन की समस्या है, उनके लिए 10 ग्राम नीम की पत्तियां और 10 ग्राम बेर के पत्तों को बालों की जड़ों में लगा कर 2 घंटे के बाद धो लें । 1 महीने तक के लिए इस नुस्खे के होने से आपके बाल फिर से आ जाएंगे।

अगर एक मलेरिया हो गया है, तो ५० ग्राम नीम की पत्तियां और 4-5 काली मिर्च को पीस लें और इसे गर्म पानी में उबालें और छानकर मलेरिया से पीड़ित व्यक्ति को पिलायें । इससे मलेरिया रोग से राहत मिलेगी ।