पाकिस्‍तान की नीच हरकत, UN को लिखी Covid-19 पर चिट्ठी में कश्‍मीर को बताया सुरक्षा के लिए खतरा

पाकिस्‍तान ने एक बार फिर अपनी असलियत दिखा दी है और कोरोना वायरस महामारी की आड़ में कश्‍मीर का मसला उठाया है। पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की तरफ से यूनाइटेड नेशंस (यूएन) के सेक्रेटरी जनरल और सुरक्षा परिषद के मुखिया को जो चिट्ठी लिखी है उसमें उन्‍होंने लिखा है कि जम्‍मू कश्‍मीर में मानवाधिकार हालातों की बहुत सख्‍त जरूरत है। रविवार को कुरैशी की यह चिट्ठी सार्वजनिक हुई है।

9 मार्च को लिखी है कुरैशी ने चिट्ठी

नौ मार्च को लिखी गई चिट्ठी में कुरैशी ने मांग की है कि कश्‍श्‍मीर में कैदियों को आजाद किया जाना चाहिए। इसके अलावा कुरैशी ने महामारी को देखते हुए कश्‍मीर से प्रतिबंधों को हटाने के लिए भी कहा है। अभी तक भारत की तरफ से कुरैशी की इस चिट्ठी को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। भारत ने पिछले वर्ष अगस्‍त में आर्टिकल 370 को हटाया था। उसके बाद से लगातार वह कहता आया है कि यह हमारा आतंरिक मसला है। इससे पहले 15 मार्च को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्क देशों के नेताओं के साथ वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए बीमारी को लेकर चर्चा की थी तो उस समय भी पाक की तरफ से कश्‍मीर का जिक्र किया गया था। पाक के विदेश विभाग का कहना है कि कुरैशी ने जो चिट्ठी लिखी है वह देश के प्रयासों का हिस्‍सा है जिसमें कश्‍मीर के मानवाधिकार और मानवीय हालातों को सामने लाना है। कुरैशी ने लिखा है कि साउथ एशिया में कश्‍मीर शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है। इस चिट्ठी में उन्‍होंने भारत के उन प्रयासों झूठा करार दिया है जो घाटी में हालात सामान्‍य करने के मकसद से किए गए हैं।