पिता ने कहा मुझे गर्व है, फटे ग्लव्स और टूटे बैट से खेलकर बनाई भारतीय टीम में जगह

ऑस्ट्रेलिया में आयोजित होने वाली महिला क्रिकेट विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का चयन भी हो चुका है| जिसमें 15 वर्षीय शेफाली वर्मा का नाम भी चुना गया है|शेफाली वर्मा ने भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाने से पहले कई मुश्किलों का सामना किया है उन्होंने फटे क्लब और टूटे हुए बल्ले के साथ प्रैक्टिस करते हुए अपने क्रिकेट कैरियर को संवारा है|
हालांकि इसके साथ ही उन्हें कई बार चोटों का सामना भी करना पड़ा है लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और महज 15 वर्ष की उम्र में उन्होंने वह कारनामा कर दिखाया जिसके लिए आज उनका पूरा परिवार यहां तक कि भारत देश काफी गौरवान्वित महसूस कर रहा है|
महज 15 वर्ष की उम्र में शेफाली वर्मा भारतीय क्रिकेट टीम की सबसे कम उम्र की महिला खिलाड़ियों में से एक होने जा रही हैं इन सब बातों का खुलासा करते हुए शेफाली के पिता अपने आंसू नहीं रोक पाए|
शेफाली के पिता का कहना है कि मेरी गरीबी को देखते हुए शेफाली ने कभी अपनी जरूरत है मेरे से नहीं बताएं और जो संसाधन उसके पास थे उन्हीं से उसने अपने कैरियर को संवारा है| मुझे अपनी बेटी पर गर्व है|