बड़ी खबर: लैंडर विक्रम को लेकर ISRO से आया बड़ा अपडेट, आखिरकार वही हुआ जिसका…

आखिरकार क्या भारत अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन एक बार फिर लैंडर विक्रम के साथ संपर्क करेगा? क्या विक्रम से संपर्क करने के लिए कोई डेड लाइन है? ऐसे ही कई सवाल हैं जिनका जवाब के लिए पूरी दुनिया इंतजार कर रही हैं। इसरो (चंद्रयान-2) का लैंडर के साथ शनिवार को संपर्क खो गया था। तब से पांच दिन बीत चुके हैं। लेकिन चंद्र सतह से अब तक कोई अच्छी खबर नहीं आई है।

10 दिन बाद होगा मिशन लूनर लाइट

लैंडर विक्रम से संपर्क करने के लिए वैज्ञानिकों से जो बन पड़ रहा हैं वह कर रहें हैं। लेकिन इस मिशन को पूरा करने के लिए उनके पास मात्र 10 दिन का समय बचा हुआ हैं। आपको बता दें की ISRO के वैज्ञानिक 21 सिंतबर तक लैंडर विक्रम से संपर्क करने की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद लूनर लाइट की शुरुआत होगी। इससे चीजें पूरी तरह बदल जाएगी। इतना ही नहीं विक्रम को 14 दिनों तक कोई धूप नही मिलेगी। बता दें कि लैंडर और रोवर को भी केवल 14 दिनों के लिए काम करना था।

ऐसे बता दें चंद्र की सतह पर ठंड बहुत खतरनाक है। खासकर दक्षिणी ध्रुव में तापमान माइनस 200 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। लैंडर विक्रम भी दक्षिणी ध्रुव में उतरा है। चंद्रमा का वह क्षेत्र जहाँ अब तक कोई देश नहीं पहुँचा है।

ISRO के वैज्ञानिक लैंडर विक्रम से संपर्क करने के लिए कर्नाटक के एक गाँव बायालू से 32-मीटर एंटीना का उपयोग कर रहा है। इसका स्पेस नेटवर्क सेंटर बैंगलोर में है। इसरो कक्षा के माध्यम से विक्रम से संपर्क करने की कोशिश कर रहा है। खुशी की बात यह है कि लैंडर को कोई नुकसान नहीं हुआ है, यानी इसमें कोई टूट-फूट नहीं है। इसरो लैंडर के साथ संपर्क को फिर से स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। लेकिन चिंता की बात यह हैं की लैंडर विक्रम जिस जगह उतरा है वह खतरनाक इलाका है। इस समय विक्रम लैंडर माइनस 200 डिग्री सेल्सियस का सामना कर रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *