बेटे की चाह में भारत ही नहीं इस देश में महिलाएं करवा रहीं है भ्रूण जांच

आज हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों के सामन है लेकिन अभी कई लोग बेटे की चाह में कुछ भी करने के लिए तैयार रहते है। भारत ही नहीं चीन में भी बेटे की चाह में लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। बेटा पाने के लिए लाखों चीनी महिलाएं खून के नमूने कानून तोड़ते हुए हांगकांग भेज रही हैं। हांगकांग में 7 से 10 हफ्ते के भ्रूण की जांच के तकनीक होने से ऑनलाइन कम्पनियों के जरिए भी चोरी-छिपे रक्त के नमूने हांगकांग भेजे जा रहे हैं। 


चीन में 2002 से लिंग जांच कानून जूर्म हो चुका है लेकिन हांगकांग में यह वैध हैं। यहां क्लीनिकों ने नॉन-इंवेसिव पैटर्नल टैस्टिंग नाम तकनीक ईजाद की। इसमें मात्र 8 से10 सप्ताह के भ्रूण का भी लिंग जांचा जा सकता हैं। इसके लिए गर्भवती के खून का नमूना ही काफी होता है। 

बच्चों से भी करवाई जा रही तस्करी

चीन से खून की शीशियां ले हांगकांग तक पहुंचाने के कई गिरोह है। जो बुजुर्ग महिलाओं से छात्रों तक का इस्तेमाल कर चुके हैं। फरवरी में कस्टम अफसर ने 200 शीशियों समेत बच्ची को पकड़ा था। तस्करों को प्रति नमूना 1 से 3 हजार रुपए तक मिल जाते है। 

बढ़ रहा है जैंडर गैप 

149 देशों के वैश्विक जैंडर गैप इंडेक्स में चीन 103 वें स्थान पर है। चीन में 1970 में एक  बच्चा पैदा करने की नीति लागू की गई थी, जिसका पालन करवाने के नाम पर बड़ी संक्या में भ्रूण हत्याएं हुई जिससे लिंग भेद बढ़ा और 2015 में चीन को इसे बंद करना पड़ा लेकिन हत्याएं नहीं रुकीं। 

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1000 पुरुष के प्रति भारत में 930 महिलाएं

भारत में 1000 पुरुषों के प्रति 930 महिलाएं पाई जाती हैं। वहीं चीन में महिलाओं की संख्या 920 हैं। 1.2 करोड़ बच्चियों की जन्म से पहले हत्या 1970 से 2017 के बीच हुई है।