बोली- पति परेशान करता है, मैं अपनी मर्जी से किसी और के साथ रह रही, लिव इन रिलेशन का कानून बनने से पुलिस भी नहीं कर सकती कार्रवाई

से किसी और के साथ रह रही, लिव इन रिलेशन का कानून बनने से पुलिस भी नहीं कर सकती कार्रवाई

कहते हैं कि प्यार अंधा होता है। यह कहावत पटेल नगर निवासी 50 साल की महिला और कांसापुर निवासी 55 साल के व्यक्ति पर सटीक बैठती है। दोनों का कुछ समय पहले तक देवर-भाभी का रिश्ता था, लेकिन अब रिश्ता प्रेमी प्रेमिका का है क्योंकि दोनों ने एक-दूसरे के लिए उन्हें छोड़ दिया जिनसे उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय पहले निकाह कर पति-पत्नी का रिश्ता जोड़ा था। शादी के बाद दोनों के पास बच्चे हुए। दोनों के बच्चों की उम्र शादी की हो रही है। महिला और व्यक्ति दोनों अपनी-अपनी एक-एक लड़की की शादी भी रचा चुके हैं। महिला ने बेटी की शादी के 6 साल बाद अब अपने देवर से नया रिश्ता बनाया है, लेकिन महिला के पति को यह रिश्ता मंजूर नहीं है।

पुलिस को शिकायत दी तो पुलिस ने महिला के लापता होने का केस दर्ज कर लिया। जब पुलिस ने महिला को तलाशा तो उसने पुलिस को कहा कि वह अपनी मर्जी से लिव इन रिलेशन में रह रही है। इस तरह से पुलिस भी इसमें कुछ नहीं कर पाई क्योंकि सुप्रीम कोर्ट लिव इन रिलेशन को वैध करार दे चुका है। इस पर पुलिस को केस कैंसिल करना पड़ा लेकिन महिला के पति ने अपनी पत्नी को पाने के लिए अब शिकायत सीएम को भेजी है। उनका कहना है कि उसकी पत्नी को तांत्रिक विद्या कर उसका भाई अपने साथ ले गया है। जो सामान उसने बेटी की शादी के लिए बनाया था, उसकी पत्नी वह भी ले गई। हमीदा चौकी इंचार्ज शमशेर सिंह ने बताया कि महिला अपनी मर्जी से गई थी। इसमें हम कोई कार्यवाही नहीं कर सकते इसलिए मामला कैंसिल कर दिया गया है।

27 साल पहले शादी और 27 तारीख को रात तीन बजे फरार

पटेल नगर निवासी नासिर ने बताया उसकी शादी 1993 में हुई थी। शादी के बाद उन पर 6 बच्चे हुए थे। दो-तीन साल से उसकी पत्नी किसी और के बहकावे में आ गई थी। इससे वह उसके साथ झगड़ा करती थी। कई बार उसने और रिश्तेदारों ने उसे समझाया भी था लेकिन वह नहीं मानी। उसकी पत्नी 27 जून 2020 को रात तीन बजे वली अहमद के साथ चली गई। तब नासिर ने शहर यमुनानगर पुलिस को शिकायत दी थी।

मैं तो वली के साथ रहना चाहती हूं

महिला ने पुलिस को अपने बयान का एक शपथ पत्र दिया है। उसमें लिखा है कि उसकी शादी साल 1993 में नासिर के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके पास चार बेटियां और दो बेटे हुए। शादी के बाद उसका पति उसे परेशान करता था। उसके साथ मारपीट करता था। वह 27 जून रात को अपनी मर्जी से चली गई थी। अब वह वली अहमद के साथ रहना चाहती हूं। उसके पति ने जो केस दर्ज कराया था, उसे कैंसिल करने का कष्ट करें।

मई 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने वैध कहा था लिव इन रिलेशनशिप को

सुप्रीम कोर्ट ने लिव इन रिलेशन को वैध माना है। एक फैसले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि यदि शादी के बाद भी लड़का या लड़की की उम्र विवाह योग्य नहीं है तो दोनों लिव इन रिलेशन में रह सकते हैं। अगर वह विवाह करने के लिए सक्षम नहीं हैं तो उन्हें शादी के बाद भी एक साथ रहने का अधिकार है।