भगवान के लिए कबूतरों को दाना मत दीजिए, यह आपकी और हमारी जान के लिए ख़तरनाक है

दिल्ली के कई चौराहों और फुटपाथों पर कबूतरों का दाना डालने का रिवाज़ है. पता नहीं क्यों पर हाल के सालों में कबूतरों को दाना खिलाने का रिवाज़ बढ़ा है.दिल्ली के फ़ुटपाथों पर बाजरा, गेहूं और दूसरे दाने बेचने वाले मौजूद रहते हैं. लोग इनसे दाना ख़रीद कर इन कबूतरों को खिलाते हैं.कबूतर की बीट फ़ेफड़ों के लिए ख़तरनाक हैलेकिन इन कबूतरों को दाना खिलाने वाले नहीं जानते कि वो अपनी और दूसरों की जान से खेल रहे हैं.प्रदुषण का बढ़ता स्तर सर्दियों में चिंता की वजह होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं की दिवारों या एयर कंडीशनर पर जमी फ़फूंदी फ़ेफड़ों के लिए घातक हो सकती है.जी हां यह सच है. चेस्ट एक्सपर्ट्स के अनुसार कबूतरों की बीट इंसानों के फ़ेफड़ों को भारी नुकसान पहुंचाती है.हाल ही में मुंबई में दो महिलाओं के फ़ेफड़े फ़ेल हो गए. इन महिलाओं में एक की उम्र 38 है और दूसरी की 68 साल बाताई गई है.इन दोनों में से एक ब्रीच कैंडी और दूसरी बोरिवली की रहनी वाली है. इन दोनों को ही मध्य मुंबई के एक अस्पताल में लंग ट्रांसप्लांट किया गया है.डॉक्टरों के अनुसार इन महिलाओं को क्रॉनिक हाइपरसैंसटिव निमोनिया हुआ था. इसके साथ ही इनके फ़ेफड़ों में पर्यावरण संबधित लंग फ़ाइबरोसिस भी पाया गया.इन दोनों ही महिलाओं से जब पूछा गया तो उन्होने बताया कि उन दोनों के ही एयर कंडीशनर के डक्ट में लंबे समय से कबूतर बीट करत थे.डॉक्टर कहते हैं कि फ़ेफड़ों की बीमारी में हाइपरसैंसिटव निमोनिया सबसे ज़्यादा पाया जाता है.फ़ेफड़ों की के मरीज़ों में से क़रीब करीब 47 प्रतिशत मरीज़ों में यह बीमारी होती है.डॉक्टर कहते हैं कि इस बिमारी का सबसे बड़ा कारण कबूतरों की बीट ही होता है.