मंदिर में 800 साल से बंद था ये कमरा, अब खोला दरवाज़ा तो सबकी आंखें फटी की फटी रह गईं

भारत का इतिहास बहुत ही बड़ा है जिसे कुछ पन्नों में नहीं समेटा जा सकता है और यह इतना पुराना है की इसका न तो  कोई शुरुआत है और ना ही कोई अंत। इसके बारे में हम जितना ही गहराई से जानने की प्रयत्न करेंगे उतना ही ज्यादा ये रहस्यमयी होता जायेगा | हममे से बहुत लोग ऐसे होते हैं जिन्हें इतिहास के रहस्यों के बारे में जानने की बहुत ही  ज्यादा दिलचस्पी रहती है जिसके लिए वे पुरानी से पुरानी जगहों पर जाकर खुदाई करके कुछ न कुछ रहस्यों के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं |

आज हम आपको एक ऐसा ही बहुत पुराना रहस्य के बारे में बताने वाले हैं  जिसका पता खुदाई के दौरान चला है  जिसे जानकर आप भी हैरान रह जायेंगे |

आपको बता दे अभी हाल ही में कुछ पुरातत्व विज्ञान के लोगों ने भारत के   ”तिशय क्षेत्र बरासों” में वर्षों पुराने  बने दिगंबर जैन मंदिर में जो की लगभग 800 साल से बंद था उसके एक कमरे को खोलने पर वहाँ मौजूद लोगों को कुछ ऐसा दिखाई दिया जिसको देखकर वहां मौजूद लोगों के भी पैरों तले जमीन खिसक गयी|आपको बता दे इस मन्दिर का दरवाजा खोलते ही  लोगो ने देखा की वहाँ एक कमरे के नीचे एक और कमरा बना हुआ था जिसके अंदर बहुत ही  प्राचीन समय की कुछ चीजें लोगों को हाँथ लगी  जिसे देखकर लोगो को बिलकुल भी ऐसा नहीं लगा की ये चीजे वर्षों पुरानी है क्योंकि देखने में ये चीजे बिल्कुल ही नयी और साफ सुथरी नजर आ रही रही |

इसके साथ ही जब लोगो ने उस मन्दिर के द्वार को खोला तो कमरे के अंदर से कई सारे चमगादड़ो का झुण्ड एक साथ बाहर निकला  जिसे देखकर वहाँ मौजूद लोग पूरी तरह से डर गये थे लेकिन इन चमगादड़ो ने किसी को भी कोई नुकसान नहीं पहुँचाया बल्कि  कमरा खुलते ही आकाश में उड़ |800 साल पुराने इस कमरे को खोलने के बाद  इस कमरे का अच्छी तरह से सफाई करवाई गयी तब उस कमरे से  से कुल तीन-चार ट्राली भरकर कूड़ा भी बाहर निकाला गया इसके बाद जब लोग उस कमरे के अंदर गये तो वहाँ लोगो ने देखा की कमरे के बीचो बीच एक छोटी से गुफा बनी हुई थी  जिसके अंदर जाने के लिए गुफा के भीतर तक सीढियाँ बनी हुई थी  जिसे देखते हुए लोगो ने  इसमें  से मूर्तियां निकलने की भी संभावना व्यक्त कर रहे हैं|

आपको जानकर आश्चर्य होगा की यह मन्दिर काफी पुराना है और इसमें कई सारे ऐसे रहस्य है जिनके  बारे में अभी पता लगाना बाकि है जो अब तक सुलझाये नहीं जा सके हैं |इस मन्दिर  के विषय में जिला पुरातत्व अधिकारी का कहना है कि बरासों के जैन मंदिर में 90 के दशक में जैन समितियों के माध्यम से कुछ कार्य कराया था. यदि वहां 800 साल बाद कोई कमरा खुला है और उसके अंदर यदि कोई गुफा निकली है तो उसे निश्चित तौर पर देखा जाएगा.

अतिशय क्षेत्र बरासों को लेकर मान्यता है कि यहां भगवान महावीर स्वामी का समोशरण आया था. यहां के मंदिर देवों द्वारा निर्मित कराए गए हैंइसी वजह से 800 साल बाद इस मंदिर के एक कमरे को खोलने का फैसला किया गया, जिसके बाद लोगों को मंदिर के  अंदर ऐसी रहस्यमयी चीजे देखने को मिली |