महज 15 मिनट में चार्ज हो जाएगी EV की बैट्री, 15 साल तक बदलवाने की झंझट खत्म

कंपनी के दावे के मुताबिक इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए उसके द्वारा विकसित की गई रैपिड चार्जिंग बैट्री टेक्नोलॉजी से बैट्री महज 15 मिनट में फुल चार्ज हो जाएगी.

City start-up Log 9 launches battery that can be charged in less than 15 minutes fast ev battery charging
Log 9 की टीम ने सुपरकैपेसिटर टेक्नोलॉजी और ग्रैफीन की मदद से नई बैट्री विकसित की है. (Representative Image)

इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ सबसे अधिक समस्या उसकी बैट्री चार्जिंग को लेकर आती है क्योंकि इसे चार्ज करने में बहुत समस्या आती है. अब इसे लेकर बंगलूरु स्थित स्टार्टअप Log 9 Materials ने आज मंगलवार 2 फरवरी को एक नई बैट्री टेक्नोलॉजी लांच की है. कंपनी के दावे के मुताबिक इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए उसके द्वारा विकसित की गई रैपिड चार्जिंग बैट्री टेक्नोलॉजी से बैट्री महज 15 मिनट में फुल चार्ज हो जाएगी. इस बैट्री का इस्तेमाल दोपहिया और तीन पहिया इलेक्ट्रिक गाड़ियों में किया जा सकता है. इसके अलावा इस बैट्री की एक और खासियत यह है कि 15 साल तक इसे बदलवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लॉग 9 एक नैनो टेक्नोलॉजी कंपनी है जिसे आईआईटी रूड़की के एलुमनी ने शुरू किया है.

इस तकनीक से बनाया Log 9 ने नई बैट्री

Log 9 की टीम ने सुपरकैपेसिटर टेक्नोलॉजी और ग्रैफीन की मदद से नई बैट्री विकसित की है. ग्रैफीन में स्पेशलाइज्ड नैनो टेक्नोलॉजी कंपनी लॉग 9 ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. कंपनी द्वारा जारी बयान के मुताबिक इस बैट्री को सिर्फ 15 मिनट में ही फुल चार्ज किया जा सकता है जिससे कि डिस्चार्ज होने पर इसे दोबारा इस्तेमाल करने के लिए अधिक इंतजार करने की जरूरत नहीं रहेगी. इसके अलावा यह बैट्री 15 साल से अधिक समय तक चलेगी यानी प्रति किमी की बैट्री लागत कम हो जाएगी.

5 गुना अधिक पॉवरफुल

कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक नई विकसित बैट्री 5 गुना अधिक पॉवरफुल है यानी कि इस बैट्री के इस्तेमाल से इलेक्ट्रिक गाड़ी अधिक भार ढो सकेंगे. इसके अलावा सेफ्टी की बात करें तो मौजूदा लीथियम-आयन बैटरीज की तुलना में यह फायर रेजिस्टेंस व इंपैक्ट-रेजिस्टेंस के मामले में 5 गुना अधिक सुरक्षित है. कंपनी का कहना है कि अगले वित्त वर्ष 2021-22 में इस बैट्री पैक्स को 3 हजार से अधिक दोपहिया और तीनपहिया गाड़ियों में लगा दिया जाएगा और उसके बाद अगले वित्त वर्ष 2022-23 में देश भर के 20