मासिक धर्म की असहनीय पीड़ा को ऐसे किया जा सकता है कम जाने इस बारे में

प्रकृति के नियमानुसार हर लड़की को 10-15 वर्ष की आयु के बीच एक बड़े परिवर्तन से गुजरना पड़ता है जिसे मासिक धर्म कहा जाता है। इन दिनों लड़की के अंडाशय हर महिनें एक विकसित डिम्ब(अण्डा) उत्पन्न करना शुरू कर देते हैं। जब अंडा गर्भ में पहुंचता है तब उसका स्‍तर खून और तरल पदार्थ से मिलकर गाढ़ा होता है। यह मासिक धर्म के रूप में बाहर निकलताइस दौरान लड़कियों को पेट के असहनीय दर्द से गुजरना पड़ता है। अज्ञानतावश हो या फिर शर्म के कारण वह इस समस्या से जूझती रहती हैं। हालांकि इस दर्द से निजात पाने के लिये पेन किलर जैसे कई विकल्प हैं लेकिन इससे होने वाले साइडइफेक्ट के डर से इन दवाओं का उपयोग करने में ज्यादातर महिलायें डरती हैं।इस पीड़ा को कम उपाय:# शरीर को गर्मी दें: दर्द को कम करने के लिये गर्म पानी का उपयोग करना बेहतर है। यह दर्द को कम करने के साथ, मासिक धर्म के रक्त को बिना रुकावट के प्रवाह की सुविधा देकर कब्ज की समस्या को कम करेगा।# प्राकृतिक उपचार: ज्यादातर महिलाऐं इस समस्या से निजात पाने के लिए ऐसे कई उपाय करती हैं। तेज दर्द में अजवाइन का काढ़ा, तुलसी का काढ़ा और अदरक का सेवन भी तुरंत राहत पहुंचाता है।# इस तरह लेटने से मिलेगा फायदा: पेट के दर्द से निजात पाने के लिये आप नीचे लेटने पर अपनी टांगे ऊंची करके रखें या घुटनों को मोड़कर किसी एक ओर सोयें। ऐसा करने से भी आपके दर्द में आराम मिल सकता है।# उदर की मालिश: मासिक दर्द के समय जब दर्द अधिक बढ़ जाता है उस समय पेट की मालिश करने से या पेट की सिकाई करने से काफी राहत मिलती है। निचले उदर के आसपास अपनी अंगुलियों के पोरों से गोल गोल हल्की मालिश करें।